UP ED Raid: उत्तर प्रदेश में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बसपा के पूर्व BSP विधायक शाहनवाज राणा और उनके परिजनों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है. सोमवार को ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ परिसरों पर तलाशी ली. एजेंसी के अनुसार, इस दौरान मुजफ्फरनगर स्थित राणा हाउस और गाजियाबाद की एक फर्म से दो करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई है.
फर्जी ITC मामले में ED की कार्रवाई
ED के मुताबिक, यह कार्रवाई मैसर्स जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है. एजेंसी का आरोप है कि बिना सामान की वास्तविक खरीद-बिक्री और आवाजाही के फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार किए गए. इनके जरिए कथित तौर पर फर्जी ITC हासिल किया गया और उसे दूसरी कंपनियों को ट्रांसफर किया गया. जांच में कई कथित फर्जी कंपनियों के जरिए पैसे इधर-उधर करने और नकदी निकालने का नेटवर्क सामने आने की बात कही गई है.
9.63 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का आरोप
GST अधिकारियों की जांच के अनुसार, अब तक 9.63 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का लाभ लेने की बात सामने आई है. वहीं, 10.28 करोड़ रुपये का ITC आगे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी मिली है. ED इन लेनदेन से जुड़े पैसों की PMLA के तहत जांच कर रही है. छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई कागजी दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं.
पश्चिमी यूपी की राजनीति में चर्चित है राणा परिवार
शाहनवाज राणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. वह BSP के टिकट पर विधायक रह चुके हैं. इसके बाद वह राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े और नवंबर 2025 में आजाद समाज पार्टी (काशीराम) में शामिल हुए. उनके भाई कादिर राणा पूर्व सांसद और नूर सलीम राणा पूर्व विधायक रह चुके हैं. राणा परिवार का पश्चिमी यूपी की राजनीति में प्रभाव रहा है.
GST मामले में पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
2025 में राणा स्टील्स से जुड़े कथित 5.39 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग और GST चोरी के मामले में वाणिज्य कर विभाग की टीम पर हमला करने के आरोप में शाहनवाज राणा की गिरफ्तारी हुई थी. उनके खिलाफ बिजली चोरी समेत अन्य मामलों का भी उल्लेख किया गया है. हालांकि, इन मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया की स्थिति अलग-अलग रही है. फिलहाल ED फर्जी ITC मामले में बरामद नकदी, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है.
