UP News: मणिपुर में तैनात CRPF की 112वीं बटालियन के जवान विनीत कुमार सिंह सिकरवार (37) का पार्थिव शरीर शुक्रवार तड़के अमौसी एयरपोर्ट से हरदोई ले जाया जा रहा था. इसी दौरान लखनऊ के बुद्धेश्वर चौराहे पर उनकी पत्नी नेहा सिंह और अन्य परिजनों ने शव वाहन रोककर हरदोई हाईवे जाम कर दिया. परिजनों ने जवान की मौत को संदिग्ध बताते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम और निष्पक्ष जांच की मांग की.
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
हरदोई जिले के कोथावां क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुरवाबाजीराव निवासी विनीत कुमार सिंह सिकरवार मणिपुर में तैनात थे. उनकी पत्नी नेहा सिंह का आरोप है कि विनीत पिछले तीन-चार दिनों से बुखार और पैर दर्द से परेशान थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और लगातार ड्यूटी कराई गई. उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान उनके सीने में गोली लगी. आधिकारिक तौर पर आत्महत्या की बात कही जा रही है, लेकिन परिवार इस दावे पर सवाल उठा रहा है. नेहा सिंह ने कहा कि अगर विनीत ने खुद को गोली मारी होती तो शरीर में तीन गोलियां कैसे लग सकती हैं. उनका आरोप है कि घटना की सही जानकारी परिवार को नहीं दी गई. उन्होंने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और कहा कि न्याय मिलने तक वह लड़ाई जारी रखेंगी.
बुद्धेश्वर में दो घंटे तक रहा जाम
शुक्रवार तड़के करीब 3:15 बजे अमौसी एयरपोर्ट से शव लेकर हरदोई के लिए निकले परिजन बुद्धेश्वर चौराहे पर धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन के चलते हरदोई हाईवे और आसपास के मार्गों पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा. सूचना मिलने पर एडीसीपी, एसीपी काकोरी समेत पारा, काकोरी और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन प्रदर्शन समाप्त कर पार्थिव शरीर लेकर हरदोई के लिए रवाना हो गए. इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे.
5 अगस्त को मणिपुर में हुई थी मौत
परिजनों के मुताबिक, 5 अगस्त की सुबह मणिपुर के मोतबंग स्थित CRPF मुख्यालय में विनीत कुमार सिंह सिकरवार को गोली लगी थी. आधिकारिक सूचना में निजी हथियार से आत्महत्या की बात कही गई है, जबकि परिवार इस पर संदेह जता रहा है. विनीत वर्ष 2009 में CRPF में भर्ती हुए थे और हाल ही में उनका जम्मू-कश्मीर से मणिपुर तबादला हुआ था. CRPF जवान विनीत कुमार सिंह सिकरवार अपने पीछे पत्नी नेहा सिंह, 12 वर्षीय बेटे रुद्र प्रताप, बड़े भाई सुनील और अनिल समेत पूरे परिवार को छोड़ गए हैं. उनके पिता देशराज सिंह कांवड़ यात्रा पर थे, लेकिन बेटे की मौत की सूचना मिलते ही यात्रा बीच में छोड़कर वापस लौट आए. अंतिम संस्कार में लखनऊ की 93वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट आरके त्रिपाठी अपनी प्लाटून के साथ हरदोई पहुंचे और जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी.
