UP News: प्रयागराज के संगम क्षेत्र में माघ मेला और अन्य बड़े धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं तथा कल्पवासियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. लोक निर्माण विभाग ने मनसैता नाले पर 8 स्थायी पुलिया बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस पूरी परियोजना पर लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी. प्रत्येक पुलिया के निर्माण में करीब 2.50 करोड़ रुपये का बजट आएगा. इससे प्रतिवर्ष अस्थायी पीपा पुलिया बनाने का झंझट समाप्त हो जाएगा.
अस्थायी पीपा पुलों से निजात और निर्माण के स्थान
वर्तमान समय में हर साल माघ मेला अवधि के दौरान मनसैता नाले पर अस्थायी पीपा पुलिया बनाई जाती हैं. मेला समाप्त होते ही इन्हें हटा दिया जाता है, जिससे हर वर्ष समय और संसाधनों का भारी नुकसान होता है.अब स्थायी निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा. लोक निर्माण विभाग के अनुसार अक्षय वट, त्रिवेणी, महावीर, जगदीश रैंप, काली, मोरी, गंगोली शिवाला और ओल्ड जीटी रोड रूट पर इन पुलियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे सालभर श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी.
पुलिया की रूपरेखा और भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
प्रस्तावित प्रत्येक स्थायी पुलिया की चौड़ाई 12 मीटर और ऊंचाई 5 मीटर से अधिक रखी जाएगी. इन विशिष्ट स्थानों का चयन संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की दैनिक आवाजाही को ध्यान में रखकर किया गया है. इन पुलियों के बनने से मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच आपसी संपर्क काफी बेहतर हो जाएगा. माघ मेला, महाकुंभ और सामान्य दिनों में आने वाली विशाल भीड़ के प्रबंधन तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में प्रशासन को इससे बहुत बड़ी मदद मिलेगी.
शासन को भेजा गया प्रस्ताव, पूरे वर्ष मिलेगी सुविधा
लोनिवि निर्माण खंड-4 कुंभ मेला प्रयागराज के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि संगम क्षेत्र के मनसैता नाले पर आठ स्थायी पुलिया बनाने का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संगम क्षेत्र में आवागमन के लिए हर वर्ष पीपा पुलिया पर रहने वाली निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। साथ ही एक मजबूत और स्थायी ढांचा तैयार होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूरे साल संगम स्नान के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
