यूपी के 8 जिलों को मिलेगा 'परिवर्तन योजना' का लाभ, नई गाड़ियों पर 8% तक की छूट

UP News: केंद्र सरकार दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण कम करने के लिए 'परिवर्तन योजना' लागू कर रही है. इसके तहत पुराने व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और नए वाहन खरीदने वालों को कई वित्तीय लाभ मिलेंगे. यह योजना उत्तर प्रदेश के आठ जिलों को विशेष रूप से प्रभावित करेगी.

UP News: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए 'परिवर्तन योजना' (PARIVARTAN Scheme) की ऑपरेशनल गाइडलाइंस को मंजूरी मिल गई है. योजना लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के एनसीआर में शामिल आठ जिलों के वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा.

करीब 9,585 करोड़ की योजना

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की इस परियोजना पर लगभग 9,585 करोड़ खर्च किए जाएंगे. इसमें 5,041 करोड़ केंद्र सरकार वहन करेगी. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने योजना की गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

यूपी के इन 8 जिलों को मिलेगा फायदा

यह योजना पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लागू होगी. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली इसके दायरे में आएंगे. इन जिलों में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से नए वाहनों से बदला जाएगा.

टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत

योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के साथ समन्वय करते हुए नए व्यावसायिक वाहनों पर 10 वर्ष तक मोटर वाहन टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत देने का प्रावधान किया है. इससे नए वाहन खरीदने वाले ट्रांसपोर्टर्स पर आर्थिक बोझ कम होगा.

नई गाड़ी खरीदने पर मिलेंगे कई लाभ

योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी.

  • बैंक से वाहन ऋण लेने पर 5 प्रतिशत तक ब्याज में रियायत.
  • देश की 11 ऑटोमोबाइल कंपनियां नई कमर्शियल गाड़ियों पर कम से कम 8 प्रतिशत तक छूट देंगी.
  • डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए मासिक फ्यूल वाउचर उपलब्ध कराया जाएगा.
  • इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने वालों को एकमुश्त वित्तीय सहायता मिलेगी.

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अनुसार योजना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी. इसे VAHAN, V-Scrap और PFMS जैसे सरकारी पोर्टलों से जोड़ा जाएगा, ताकि पात्र वाहन मालिकों को पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके और पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या भ्रष्टाचार की संभावना न रहे.

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Published by: Khushboo Kumari

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