लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 5 जगहों पर हादसों का खतरा, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया अलर्ट

UP News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं. अधिकारियों ने 5 ऐसे स्थानों की पहचान की है जहां छोटी सी चूक भी हादसे का कारण बन सकती है. इन जगहों पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

UP News: हाल ही में शुरू हुए 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ऐसे पांच स्थानों की पहचान की है, जहां वाहन चालकों की छोटी-सी चूक भी हादसे का कारण बन सकती है. इनमें तीन कट और दो ऐसे संपर्क मार्ग शामिल हैं, जहां पर्याप्त दिशा-सूचक बोर्ड नहीं लगे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, कई स्थानीय वाहन चालक अनजाने में इन संपर्क मार्गों से सीधे एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं. कुछ लोग गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने लगते हैं, जबकि रोकने पर यू-टर्न लेने की कोशिश करते हैं. इससे आमने-सामने की टक्कर का खतरा काफी बढ़ जाता है.

इन जगहों पर सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी

सड़क सुरक्षा जांच में मोहनलालगंज, बनी, बंथरा और उन्नाव क्षेत्र के आसपास बने कट और संपर्क मार्गों को सबसे संवेदनशील माना गया है. इन स्थानों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या होंगे इंतजाम

सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. कट वाले स्थानों पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री रोकने के लिए बैरिकेडिंग और लेन मैनेजमेंट किया जाएगा. इसके अलावा 'नो एंट्री', 'नो यू-टर्न' और 'रॉन्ग साइड' के स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाए जाएंगे. आपातकालीन कटों को सामान्य यातायात के लिए सुरक्षित तरीके से बंद रखने के भी निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सर्विस लेन, लेन मार्किंग, दिशासूचक तीर और रात्रि में दृश्यता बढ़ाने के लिए जरूरी सुधार करने को कहा गया है.

डीसीपी ट्रैफिक ने क्या कहा

डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि कई संपर्क मार्गों पर वाहन चालकों को यह जानकारी नहीं मिलती कि आगे एक्सप्रेसवे शुरू हो रहा है, टोल कितना है, किन वाहनों के प्रवेश पर रोक है और वैकल्पिक रास्ता कौन-सा है. इसी वजह से ऐसे मार्गों पर बड़े और स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

हादसे रोकने के लिए ये कदम भी उठेंगे

प्रवेश मार्गों पर फिजिकल बैरियर लगाने की तैयारी. सभी एंट्री प्वाइंट पर बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे. कमियां दूर होने तक एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे पेट्रोलिंग की जाएगी. कटों पर लगेगा फिजिकल बैरियर

एक्सप्रेसवे पर बने कटों से फिलहाल वाहन आसानी से प्रवेश कर रहे हैं. इससे प्रतिबंधित बाइक, ऑटो और ई-रिक्शा भी एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है. इसे रोकने के लिए मोहनलालगंज, बनी, उन्नाव और आजाद मार्ग कट पर फिजिकल बैरियर और अतिरिक्त सूचना बोर्ड लगाने की तैयारी की जा रही है.

ई-बस और डबल डेकर बसों का संचालन फिलहाल नहीं

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एसी ई-बस और एसी डबल डेकर बसें फिलहाल नहीं चलेंगी. परिवहन निगम के सर्वे में सामने आया कि आलमबाग से कानपुर तक एक्सप्रेसवे के जरिए कुल दूरी करीब 90 किलोमीटर है. एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर चलने वाली ई-बसों के लिए चार्जिंग व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है.

वहीं डबल डेकर बसों के संचालन में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं. सर्वे के अनुसार, आजाद मार्ग कट के आगे जाजमऊ, रामादेवी और झकरकटी तक बिजली के तार, पेड़ों की शाखाएं और सड़क की भौगोलिक स्थिति संचालन के अनुकूल नहीं है. इसी कारण फिलहाल एक्सप्रेसवे पर केवल रोडवेज की सामान्य बस सेवाएं चलाने की अनुमति दी गई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Khushboo Kumari

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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