फूलों की वर्षा से लेकर निगरानी तक… यूपी की कांवड़ यात्रा को मिली राष्ट्रीय पहचान

Kanwar Yatra 2025: इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए. बड़ी संख्या में कांवड़ियों को देखते हुए पुलिस निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की गई.

Kanwar Yatra 2025: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है. बीते कुछ सालों में कांवड़ यात्रा के स्वरूप में बहुत बदलाव देखने को मिला है. कांवड़ के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रैफिक प्रबंधन और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को पहले से कहीं ज्यादा संगठित ढंग से लागू किया गया है.

सीएम योगी ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

इस साल यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए. बड़ी संख्या में कांवड़ियों को देखते हुए पुलिस निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की गई. सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया.

फेक सूचना फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी

सरकार ने असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी. धार्मिक वातावरण को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए यात्रा मार्ग पर शराब और मांस की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद भी कराया गया.

सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बन चुकी यात्रा

अब यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक मॉडल, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बन चुकी है. दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्य भी अब इस आयोजन को गंभीरता से लेते हुए यूपी के मॉडल से सीखने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.

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By Shashank baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.
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