UP News: उत्तर प्रदेश के बुनकरों के लिए योगी सरकार ऐसी योजना लेकर आई है, जो उनकी मेहनत को बेहतर कमाई में बदलने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है. महंगे धागे, बढ़ता बिजली खर्च और बिचौलियों की परेशानी से जूझ रहे बुनकरों को अब आधुनिक तकनीक, सब्सिडी, आसान लोन और सीधे बाजार से जोड़ने की तैयारी है. मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के जरिए सरकार प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को नई रफ्तार देने पर जोर दे रही है.
यूपी की पहचान हैं यहां के बुनकर
बनारस की रेशमी साड़ियों से लेकर भदोही के कालीनों तक, उत्तर प्रदेश के बुनकर अपनी कला से देश-दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं. सदियों पुरानी बुनाई की इस परंपरा को आगे बढ़ाने में हजारों परिवार जुड़े हैं. हालांकि, बदलते समय के साथ बुनकरों के सामने कई आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं.
महंगे धागे और बिजली खर्च ने बढ़ाई परेशानी
बुनकरों को लंबे समय से महंगे धागे, बढ़ते बिजली बिल और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. इसके अलावा तैयार उत्पाद बेचने में बिचौलियों की भूमिका के कारण मेहनत के मुताबिक मुनाफा भी नहीं मिल पाता था. हालात ऐसे बने कि कई बुनकरों को अपना पुश्तैनी काम छोड़कर मजदूरी तक करनी पड़ी.
सरकार की योजना से क्या बदलेगा?
इन समस्याओं को देखते हुए योगी सरकार की मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के तहत बुनकरों को आधुनिक तकनीक और जरूरी आर्थिक मदद देने की तैयारी है. योजना में सोलर पावर से चलने वाले करघे, आसान लोन, सब्सिडी और सीधे बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसका उद्देश्य बुनकरों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और यूपी के हथकरघा उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाना है.
पांच साल में बनेंगे 150 हैंडलूम क्लस्टर
योजना के तहत सरकार ने अगले पांच वर्षों में 150 हैंडलूम क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इससे 50 हजार से ज्यादा बुनकरों को लाभ मिलने की उम्मीद है. योजना के अनुसार कम से कम 25 या उससे अधिक बुनकरों के समूह को एक फर्म के रूप में पंजीकृत कराया जाएगा.
पहला फायदा: सोलर लूम पर 80% तक सब्सिडी
बिजली के भारी बिल और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत देने के लिए बुनकरों को सोलर लूम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है. इस पर सरकार की ओर से 80 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है. इससे बिजली पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलेगी.
दूसरा फायदा: सस्ता धागा और कच्चा माल
बुनकरों को उचित कीमत पर धागा और जरूरी कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए यार्न बैंक (Yarn Bank) और सरकारी सहायता की व्यवस्था की गई है. इससे बुनाई की लागत 20 से 30 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है और बुनकरों को उत्पादन में राहत मिलेगी.
तीसरा फायदा: बिचौलियों से राहत, सीधे बाजार में बिक्री
योजना के जरिए बुनकरों को सीधे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट और सरकारी GeM पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है. इससे बुनकर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे. बिचौलियों की भूमिका कम होने से बिक्री का पैसा सीधे बुनकर के खाते में पहुंच सकेगा.
चौथा फायदा: आसान लोन की सुविधा
अगर कोई बुनकर नया करघा लगाना चाहता है या अपना कारोबार बढ़ाना चाहता है तो उसे आर्थिक मदद मिल सकेगी. योजना के तहत बुनकरों को कम ब्याज दर पर क्रेडिट कार्ड और लोन की सुविधा देने की व्यवस्था है. इससे कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी जुटाना आसान होगा.
पांचवां फायदा: आधुनिक डिजाइन की ट्रेनिंग
बाजार में फैशन और डिजाइन लगातार बदलते रहते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए बुनकरों और उनकी नई पीढ़ी को आधुनिक डिजाइनिंग और कंप्यूटर आधारित बुनाई की मुफ्त ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जा रही है. इसका मकसद बुनकरों को बाजार की नई मांग के हिसाब से उत्पाद तैयार करने में सक्षम बनाना है.
गांव में बना सामान अब ऑनलाइन बिकेगा
डिजिटल दौर में किसी उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन मौजूदगी जरूरी हो गई है. योजना के तहत मऊ, बनारस और आजमगढ़ जैसे क्षेत्रों के गांवों में काम करने वाले बुनकर भी अपने उत्पादों को ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे. इससे वे देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ अमेरिका और यूरोप जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने उत्पाद बेच सकेंगे.
पैकेजिंग और शिपिंग की भी मिलेगी ट्रेनिंग
सरकार की ओर से सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि बुनकरों को पैकेजिंग और शिपिंग की जानकारी भी दी जाएगी. इसके लिए गांव स्तर पर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी. इससे 'मेड इन यूपी' हथकरघा उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
योजना के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है. इसके अलावा आधार कार्ड, बुनकर पहचान पत्र, बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे.
योजना के लिए कैसे करें आवेदन?
बुनकर योजना का लाभ लेने के लिए राज्य हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग यानी Directorate of Handloom की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा बुनकर बहुल इलाकों में विभाग की ओर से विशेष पंजीकरण शिविर भी लगाए जाएंगे. यहां पहुंचकर सीधे आवेदन किया जा सकता है. बुनकर अपने नजदीकी जिला उद्योग केंद्र (DIC) या हथकरघा विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं.
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