Chitrakoot Flood: एक तरफ घटा बाढ़ का पानी, दूसरी तरफ टापू पर फंसी 2 हजार भेड़ें; 6 घंटे तक चला रेस्क्यू

Chitrakoot Flood News: चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति अब बेहतर हो रही है, मंदाकिनी नदी का जलस्तर कम हो गया है. जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, 688 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. गाजीपुर में एक बड़े बचाव अभियान में 2000 से ज़्यादा भेड़ें और 12 चरवाहे बचाए गए हैं.

Chitrakoot Flood News: चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति में अब कुछ राहत जरूर दिख रही है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब घटकर 128.00 मीटर हो गया है. हालांकि पानी कम होने के बावजूद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती है. अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और जिले में बाढ़ से किसी तरह की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है.

जलस्तर कम हुआ, निगरानी अभी भी जारी

मंदाकिनी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक 29 अगस्त को नदी का पानी 135.20 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब 128.00 मीटर पर आ गया है. इसके बावजूद प्रशासन प्रभावित और संभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है.

688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

बाढ़ के दौरान प्रशासन ने करीब 688 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. राहत-बचाव अभियान में एनडीआरएफ के 30 सदस्य और एसडीआरएफ की दो टीमों के 27 सदस्य तैनात हैं. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं.

36 गांवों तक पहुंची राहत

मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से कर्वी के रामघाट सहित 19 गांव, राजापुर के 7 गांव और मानिकपुर के 10 गांव प्रभावित हुए. यानी कुल 36 गांवों में बाढ़ का असर रहा. प्रशासन के मुताबिक इन क्षेत्रों में 13,906 लोगों तक मदद पहुंचाई गई है. प्रभावित लोगों को भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है.

28,803 लंच पैकेट बांटे गए

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की गई है. तहसील कर्वी में 24,530, राजापुर में 4,043 और मानिकपुर में 230 लंच पैकेट बांटे गए. इस तरह अब तक कुल 28,803 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं.

2,065 राहत किट का वितरण

जरूरतमंद परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए राहत किट भी बांटी जा रही हैं. कर्वी में 1,073, राजापुर में 796 और मानिकपुर में 196 राहत किट वितरित की गई हैं. कुल मिलाकर 2,065 राहत किट लोगों तक पहुंचाई जा चुकी हैं. प्रभावित लोगों के लिए जिले में 18 बाढ़ शरणालय भी सक्रिय हैं.

653 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त

बाढ़ के कारण जिले में 653 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. इनमें से 188 मामलों में लाभार्थियों के खातों में 7.52 लाख रुपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है. वहीं, पूरी तरह क्षतिग्रस्त एक मकान के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. बाकी मामलों में भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है.

स्वास्थ्य टीमों को किया गया सक्रिय

बाढ़ प्रभावित और संभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रशासन की नजर है. स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के लिए 28 मेडिकल टीमें एंबुलेंस और जरूरी दवाओं के साथ तैनात हैं. दूसरी ओर किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति का सर्वे भी कराया जा रहा है.

गाजीपुर में टापू पर फंसे 12 चरवाहे और 2 हजार से ज्यादा भेड़ें बचाईं

छह घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद डूहिया सरैया के पास नदी के टापू पर 12 चरवाहे और 2 हजार से ज्यादा भेड़ें फंस गई थीं. सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने करीब छह घंटे तक अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. इस रेस्क्यू में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

नाइट विजन ड्रोन से खोजी गई लोकेशन

देर रात सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची. फंसे हुए चरवाहों और भेड़ों की सही लोकेशन पता लगाने के लिए नाइट विजन ड्रोन की मदद ली गई. लोकेशन मिलने के बाद फ्लड कंपनी पीएसी, पुलिस, प्रशासनिक टीम और स्थानीय नाविकों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया.

ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को सराहा

कई घंटे चले इस जोखिमपूर्ण अभियान के बाद 12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को सुरक्षित बचा लिया गया. किसी की जान नहीं गई. स्थानीय ग्रामीणों और चरवाहों ने समय पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम की सराहना की.

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By लक्की कुमारी

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