UP Flood: लखीमपुर खीरी में बाढ़ का कहर, शारदा के उफान ने मचाई तबाही, कुछ ने छोड़े घर, कुछ नाव पर गुजार रहे जिंदगी, स्कूल पर भी आदेश जारी

UP Flood: लखीमपुर खीरी में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहरा गया है. कई गांवों में पानी घुसने से लोग छतों और नावों पर रहने को मजबूर हैं. प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है.

UP Flood: लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. बनबसा बैराज से करीब 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई. पलिया, भीरा और बिजुआ क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया है. सड़कें और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

नाव बनी रसोई, छतों पर रहने को मजबूर परिवार

बाढ़ का असर पलिया तहसील के कई गांवों में साफ दिखाई दे रहा है. शाहपुर ग्राम पंचायत के ढकिया, कुंवरपुर, नरायनपुरवा और बझेड़ा समेत कई गांव पानी से घिर गए हैं. नरायनपुरवा में बाढ़ के बीच एक परिवार नाव पर खाना बनाता नजर आया, जबकि कुंवरपुर खुर्द में कई घरों में पानी भरने के बाद परिवारों को छतों और सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है.

डूबे रास्ते, नाव से हो रहा सफर

बिजुआ ब्लॉक के बझेड़ा, करसौर, गुजरा, कोरियाना, सिंघिया और अन्य गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं. कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और लोगों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है. मटहिया और आसपास के इलाकों में ग्रामीण खेतों तक जाने और मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं. कई संपर्क मार्गों पर पानी का बहाव होने से आवागमन मुश्किल हो गया है.

जमुआरी नदी बढ़ी, कई गांवों का संपर्क टूटा

फरधान क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जमुआरी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. परसेहराबुजुर्ग, जगन्नाथपुर और शंकरपुर समेत कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है. पुलिया के ऊपर सड़क पर कई फीट तक पानी बहने से ग्रामीणों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. इसका असर बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है.

स्कूल बंद, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

लगातार भारी बारिश, जलभराव और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण तिवारी ने लखीमपुर खीरी जिले में कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में तीन सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया. कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग पानी में डूबे होने के कारण बच्चों के स्कूल आने-जाने में खतरे की स्थिति बन गई थी. छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया.

घाघरा का कटान आबादी तक पहुंचा, 20 परिवारों पर संकट

धौरहरा क्षेत्र के चकदहा गांव में घाघरा नदी का कटान तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है. बीते 24 घंटे में नदी करीब 20 घरों के बेहद करीब पहुंच गई, जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है. लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. कटान से फसलों सहित बड़ी मात्रा में जमीन प्रभावित होने की बात सामने आई है और ग्रामीणों को आशंका है कि स्थिति बिगड़ने पर घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं.

35 परिवारों ने छोड़े घर, मंडी समिति और स्कूलों में ली शरण

जसनगर और नया पिंड क्षेत्र में घरों तक पानी पहुंचने के बाद करीब 35 परिवारों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े. लोग बच्चों, जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकले. फिलहाल कई परिवार तिकुनिया मंडी समिति और सरकारी स्कूलों में शरण लिए हुए हैं. प्रभावित ग्रामीण राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल, पशु चारा और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं.

बाढ़ और कटान से बढ़ी प्रशासन की चुनौती

शारदा, मोहाना, जमुआरी और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने जिले के कई इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. एक तरफ गांवों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ तेज कटान से घर और खेती दोनों खतरे में हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने, राहत सुविधाएं उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की बात कही गई है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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