सीने से लगाकर पाला, हर जिद पूरी की... फिर पिता ने उसी बेटी की ले ली जान, प्रेमी से शादी की जिद बनी वजह

एक पिता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या कर दी, क्योंकि वह अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी. बेटी की आखिरी जिद और पिता के गुस्से की ये दिल दहला देने वाली कहानी.

love affair murder case : मैं शादी किसी और से नहीं, अपने प्रेमी से ही करूंगी, फिर चाहे कुछ भी क्यों न करना पड़े. बेटी के इन शब्दों ने पिता को इतना गुस्सा दिलाया कि उसने अपनी 17 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, पंचगाई खेड़ा में बेटी की हत्या के आरोपी पिता चंद्रवीर ने पूछताछ में पूरी घटना बतायी है. हवालात में बैठा आरोपी पूरी रात जागता रहा और बेटी की मौत पर अफसोस जताता रहा.

दूसरी जाति के युवक से थी बेटी की दोस्ती

पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग मेटेरियल व्यापारी चंद्रवीर की बेटी लविश्का की नजदीक के गांव के दूसरी जाति के युवक से दोस्ती थी. वह पहले भी दो बार उसके साथ चली गयी थी. बदनामी के डर से परिवार ने पुलिस से शिकायत नहीं की. परिजनों को उम्मीद थी कि बेटी अपनी आदत बदल लेगी. लेकिन लविश्का प्रेमी से दूर होने के बजाय उससे शादी करने की बात कहने लगी. घटना से दो दिन पहले भी वह घर से चली गयी थी और करीब छह घंटे बाद वापस लौटी. इस बार परिवार ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.

घर आने के बाद पिता ने समझाया

बेटी के वापस आने के बाद उसे थाने ले जाया गया. घर लौटने पर पिता ने उसे समझाया. चंद्रवीर ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब तीन बजे लविश्का बेड पर लेटी थी. वह उसके कमरे में गया और कहा कि उसकी शादी देवोत्थान एकादशी पर करा देंगे. उसके खाते में पांच लाख रुपये भी जमा कर रहे हैं. उसने बेटी से कहा कि अब जिद न करे. लेकिन लविश्का ने बेड पर लेटे हुए मुंह फेर लिया और कई बार कहने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया. इससे चंद्रवीर को गुस्सा आ गया.

बांका से सिर पर किया वार, फिर साफी से गला दबाया

पुलिस के मुताबिक, चंद्रवीर घर में रखा बांका लेकर आया. लविश्का उसे देख नहीं सकी. उसने बेटी के सिर पर जोर से वार किया. वह चीखने लगी और उसके सिर से खून निकलने लगा. इसके बाद उसने सिर पर दूसरी बार प्रहार किया. आरोपी के मुताबिक, इस दौरान हड्डी टूटने की आवाज आयी. बेटी हाथ-पैर हिला रही थी. इसके बाद चंद्रवीर ने साफी से उसका गला दबाना शुरू कर दिया. शरीर की हलचल बंद होने के बाद भी उसे लगा कि कहीं वह बच न जाए. उसने साफी को गले में बांधकर खींच दिया.

घर में ताला लगाकर थाने पहुंचा

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद चंद्रवीर ने घर पर ताला लगाया और पैदल मधु नगर पहुंचा. वहां से ऑटो से बिजलीघर गया और फिर दूसरे ऑटो से थाने पहुंचा.

प्रेमी से भी होगी पूछताछ

पुलिस ने बताया कि परिजनों ने लविश्का के प्रेमी के बारे में जानकारी नहीं दी है. अब मृतका के मोबाइल की डिटेल निकाली जायेगी और उसके प्रेमी से भी पूछताछ होगी. पुलिस हत्या में इस्तेमाल बांके को फॉरेंसिक लैब भेजेगी. साफी भी बरामद कर ली गयी है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में जो कबूल किया है, वह अदालत में सुनवाई के दौरान बदल भी सकता है. इसलिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है.

घटना के समय घर पर नहीं थी मां

घटना के बाद पुलिस ने मृतका की मां से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर देने को कहा. मां ने कहा कि वह घटना के समय घर पर नहीं थीं और उन्हें कुछ भी पता नहीं है. इसलिए उन्होंने तहरीर देने से इनकार कर दिया. परिवार के अन्य रिश्तेदार भी तहरीर देने के लिए राजी नहीं हुए. इसके बाद थाना के हल्का प्रभारी कैलाश चंद्र गुप्ता ने तहरीर दी और पुलिस खुद वादी बन गयी. आरोपी को शुक्रवार शाम चार बजे कोर्ट में पेश किया गया.

बेटी की मौत पर जताया अफसोस

हवालात में बंद चंद्रवीर ने बेटी की मौत पर अफसोस जताया. उसने कहा कि लविश्का उसकी दुलारी थी और वह उसकी हर मांग पूरी करता था. वह उसके लिए टिकिया, मोमोज और भल्ला आदि लेकर आता था. रात में दोनों साथ बैठकर खाना खाते थे. चंद्रवीर ने कहा कि उसे नहीं पता था कि बेटी ऐसी जिद करेगी. उसने यह भी कहा कि उसकी लंबाई उससे दो इंच ज्यादा थी और उसे लग रहा था कि अगर वह बेटी पर दबाव नहीं बनाएगा तो वह उसे भी मार सकती है. इसी वजह से वह बांका लेकर आया था.

पोस्टमार्टम में सिर की चोट से मौत की पुष्टि

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगना आया है.

भाई ने किया बहन का अंतिम संस्कार

शुक्रवार को पंचगाई खेड़ा में भाई ने अपनी बहन लविश्का का अंतिम संस्कार किया. शाम करीब चार बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस शव लेकर गांव पहुंची और परिजन को सौंप दिया. शव देखते ही लविश्का की मां बेहोश हो गयीं. वहीं, भाई लव ने नम आंखों से बहन की चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गयीं.

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By रवि रंजन कुमार

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