UP Politics: बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच गोरखपुर की चिल्लूपार विधानसभा सीट से अस्मिता चंद को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है. यह सीट पूर्व मंत्री और बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी का राजनीतिक गढ़ मानी जाती है. अस्मिता चंद भी राजनीतिक परिवार से आती हैं और करीब दो दशक से सक्रिय राजनीति में हैं. खास बात यह है कि उनका राजनीतिक सफर अपने परिवार से अलग राह पर रहा है. वह 2007 में अपने ससुर के खिलाफ भी विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं.
बीजेपी से टिकट की उम्मीद, अब BSP का भरोसा
अस्मिता चंद लंबे समय तक बीजेपी से टिकट की कोशिश करती रही हैं. बताया जाता है कि उन्होंने पिछले कई विधानसभा चुनावों में पार्टी से टिकट पाने के लिए दावेदारी की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने बीजेपी छोड़कर परिवार के सदस्यों के साथ बहुजन समाज पार्टी का रुख किया. अब BSP ने उन्हें चिल्लूपार से प्रत्याशी बनाकर उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को नया मंच दिया है. पार्टी की ओर से समय से उम्मीदवार घोषित करने की रणनीति के तहत इस सीट पर भी अपना चेहरा सामने कर दिया गया है.
ससुर के खिलाफ लड़ चुकी हैं चुनाव
अस्मिता चंद का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है. 2007 के विधानसभा चुनाव में वह धुरियापार सीट से बीजेपी का टिकट चाहती थीं, लेकिन टिकट उनके ससुर मारकंडेय चंद को मिल गया. इसके बाद अस्मिता ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया. उस चुनाव में ससुर-बहू के बीच मुकाबला चर्चा का विषय बना था. हालांकि दोनों के बीच वोटों का बंटवारा हुआ और समाजवादी पार्टी के राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह चुनाव जीत गए. इसके बाद से अस्मिता की अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश जारी रही.
राजनीतिक परिवार से आती हैं अस्मिता चंद
अस्मिता चंद का परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है. उनके ससुर राजनारायण चंद चिल्लूपार क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी राजनीति और सहकारिता के क्षेत्र में अहम पदों पर रहे हैं. उनके जेठ रणविजय चंद जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं. वहीं परिवार से जुड़े सीपी चंद बीजेपी के एमएलसी हैं. अस्मिता खुद बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं. अब BSP के टिकट पर चुनाव लड़कर वह अपनी राजनीतिक राह को अलग दिशा देने जा रही हैं.
हरिशंकर तिवारी के गढ़ में मुकाबला होगा दिलचस्प
चिल्लूपार विधानसभा सीट को हरिशंकर तिवारी का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है. वह इस सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं. 2017 में उनके बेटे विनय शंकर तिवारी BSP के टिकट पर विधायक बने थे, जबकि 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं सके. अब BSP ने अस्मिता चंद को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. क्षेत्र में दलित और क्षत्रिय मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है, ऐसे में 2027 के चुनाव में चिल्लूपार का राजनीतिक समीकरण देखने लायक होगा.
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