UP Politics: कांग्रेस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' प्रस्तुत किया जा रहा था. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी को आपस में चर्चा करते देखा गया, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि राष्ट्रगीत की अवहेलना करने वालों पर सख्त विधिक कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता सेनानियों के इस पावन प्रतीक का अपमान देश कदापि सहन नहीं करेगा.
डिप्टी सीएम ने जनता से इस मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की
यूपी उपमुख्यमंत्री ने वैचारिक नक्सलवाद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यद्यपि सशस्त्र नक्सलवाद का सफाया हो चुका है, लेकिन समाज में सक्रिय अर्बन और वैचारिक नक्सलवाद को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों का आह्वान किया कि वे ऐसी राष्ट्रविरोधी सोच के विरोध में खुलकर अपनी आवाज बुलंद करें. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ प्रांतीय पदाधिकारी, स्थानीय विधायक और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
वाराणसी में दर्ज हुई शिकायतें: बंकिम चंद्र के वंशज ने सार्वजनिक माफी की उठाई मांग
इस मुद्दे को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है. वाराणसी और कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस में लिखित तहरीर देकर कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की है. वहीं राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज ने भी इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है. उन्होंने इसे लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अनादर बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से देश के समक्ष तुरंत माफी मांगने की मांग की है.
Must Read: काशी में उफान पर गंगा, बढ़ते जलस्तर के कारण नौका संचालन पर तत्काल रोक
