UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. अब 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराया जाएगा. इसमें सड़क, पुल, सीवर, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता से जुड़े निर्माण कार्य शामिल होंगे. वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार, इन परियोजनाओं की तकनीकी और निर्माण गुणवत्ता की जांच देश के प्रतिष्ठित IIT संस्थानों के विशेषज्ञ करेंगे, जिससे काम की गुणवत्ता पर स्वतंत्र निगरानी रखी जा सके.
तीन IIT संस्थानों को मिली जिम्मेदारी
सरकार ने बड़े प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता जांच के लिए IIT कानपुर, IIT BHU वाराणसी और IIT रुड़की को जिम्मेदारी सौंपी है. इन संस्थानों को प्रदेश के अलग-अलग मंडलों में चल रही 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट करना होगा. व्यवस्था के तहत परियोजनाओं की डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी. इससे निर्माण कार्य में लापरवाही या मानकों की अनदेखी सामने आने की उम्मीद है और समय रहते सुधार संभव होगा.
IIT कानपुर के जिम्मे आठ मंडल
शासनादेश के मुताबिक IIT कानपुर को प्रदेश के आठ मंडलों में चल रही बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन मंडल शामिल हैं. इन क्षेत्रों के जिलों में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा. विशेषज्ञ निर्माण की गुणवत्ता के साथ परियोजना में इस्तेमाल सामग्री और तय मानकों का भी परीक्षण करेंगे. जांच के आधार पर संबंधित विभागों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा सकेंगे.
IIT BHU और IIT रुड़की भी करेंगी जांच
IIT BHU वाराणसी को बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच का जिम्मा सौंपा गया है. वहीं IIT रुड़की सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ मंडल में चल रहे प्रोजेक्ट्स का थर्ड पार्टी ऑडिट करेगी. इस व्यवस्था के तहत संबंधित IIT संस्थानों की विशेषज्ञ टीमें परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगी. अलग-अलग क्षेत्रों के लिए जिम्मेदारी तय होने से बड़े निर्माण कार्यों की निगरानी अधिक व्यवस्थित और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ किए जाने की उम्मीद है.
निर्माण से पूरा होने तक होगी निगरानी
योजना विभाग की पहल पर शुरू की गई थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाना है. अधिकारियों के मुताबिक, IIT की टीमें परियोजना शुरू होने से लेकर उसके पूरा होने तक अलग-अलग चरणों में निरीक्षण कर सकती हैं. इस दौरान डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, सामग्री और सुरक्षा मानकों की जांच होगी. निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. यदि किसी स्तर पर खामी मिलती है तो संबंधित विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे.
गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर जोर
सरकार की इस नई व्यवस्था से बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है. स्वतंत्र तकनीकी संस्थानों से ऑडिट कराने का उद्देश्य किसी भी तरह के हितों के टकराव की संभावना को कम करना भी है. थर्ड पार्टी जांच के जरिए निर्माण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और खामियां सामने आने पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी. इससे सड़क, पुल, सीवर और जलापूर्ति जैसी परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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