उत्तर प्रदेश में अब STF भगाएगा बंदर: मुरादाबाद के DM ने बनाया खास प्लान

UP News: मुरादाबाद में बंदरों का आतंक लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. महज 24 घंटे में तीन लोग घायल हो चुके हैं. इस बढ़ते आतंक से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाने का निर्देश दिया है.

UP News: जिले में बंदरों का आतंक अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है. मोरा की मिलक इलाके में महज 24 घंटे के भीतर बंदरों के हमले में तीन लोग घायल हो गए. हालात ऐसे हैं कि लोग घर के आंगन में सोने और खुले में बैठकर खाना खाने से भी डरने लगे हैं. लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने हिंसक बंदरों से निपटने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाने की बात कही है.

सो रहे थे लोग, अचानक बंदरों ने बोल दिया हमला

मोरा की मिलक में बंदरों के हमले ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है. चामुंडा मंदिर के पास 53 वर्षीय आबिद अपने घर के आंगन में सो रहे थे. इसी दौरान एक बंदर अचानक उनके ऊपर आ बैठा और गले पर हमला कर दिया. परिजनों और आसपास के लोगों ने उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन बताया गया कि बंदर करीब 10 मिनट तक आबिद से लिपटा रहा. इस हमले में उनकी उंगलियों पर भी चोटें आईं. इसी दौरान होशियार सिंह पर भी घर के आंगन में सोते समय बंदर ने हमला कर दिया. लगातार दो घटनाओं के बाद लोगों ने रात में खुले आंगन में सोना लगभग बंद कर दिया है.

खाना खाते बुजुर्ग पर पीछे से हमला

शुक्रवार दोपहर 81 वर्षीय करण सिंह घर में बैठकर खाना खा रहे थे. इसी दौरान पीछे से आए बंदर ने उनकी कोहनी पर हमला कर दिया. हमले में उन्हें गहरा जख्म हुआ. इस घटना ने लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि बंदरों का आतंक अब घर के भीतर तक पहुंच गया है.

बच्चों को अकेले भेजने से डर रहे परिवार

बंदरों के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत है. परिवारों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है. बुजुर्ग भी छत या घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक बंदर अब पेड़ों और छतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आबादी में घुसकर लोगों पर हमला कर रहे हैं.

कांठ में भी बंदर और आवारा कुत्तों का आतंक

मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में भी बंदरों और आवारा कुत्तों के हमलों से लोग परेशान हैं. राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही पर इसका असर पड़ रहा है. कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पशु काटने के बाद बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं. एक ही दिन में 14 नए घायल अस्पताल पहुंचे.

DM ने बनाई खास रणनीति, हिंसक बंदरों की होगी पहचान

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि जिले में बंदरों के हमले की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. प्रशासन अब स्पेशल टास्क फोर्स तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है. सबसे पहले ऐसे बंदरों को चिह्नित किया जाएगा जो लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं. इसके बाद उन्हें पकड़कर आबादी से दूर वन क्षेत्रों में छोड़े जाने की योजना है. प्रशासन का मानना है कि ऐसे स्थानों पर बंदरों के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी, जिससे उनके दोबारा रिहायशी इलाकों में लौटने की संभावना कम होगी.

घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन

प्रशासन के मुताबिक बंदर या अन्य जानवर के हमले में घायल लोगों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है. राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम भी पशु के काटने के बाद समय पर उपचार और वैक्सीनेशन की जानकारी उपलब्ध कराता है.

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By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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