जब सड़क पर नहीं बचा रास्ता, तो ग्रामीणों ने वहीं रोप दिया धान, सोनभद्र में बदहाल सड़क के खिलाफ अनोखा विरोध

सोनभद्र के खीरी टाउन के झसिया गांव में ग्रामीण वर्षों से बदहाल सड़क से परेशान हैं. बारिश के बाद यह सड़क तालाब बन जाती है. अपनी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने सड़क पर धान रोकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है.

Up News : घुटनों तक पानी, चारों तरफ कीचड़... सोनभद्र में सड़क पर धान रोपकर ग्रामीणों ने सिस्टम के खिलाफ किया प्रदर्शन जिस सड़क से कभी लोगों की जिंदगी गुजरती थी, आज उसी पर धान की फसल लहलहाने लगी है. यह कोई खेत नहीं, बल्कि सोनभद्र के झसिया गांव की वह बदहाल सड़क है, जिस पर बारिश होते ही रास्ते और खेत का फर्क मिट जाता है. वर्षों से जर्जर सड़क, घुटनों तक जमा पानी और कीचड़ से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र आखिर जवाब दे गया. सोमवार को उन्होंने सड़क पर ही धान रोपकर सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. यह सिर्फ विरोध का तरीका नहीं, बल्कि उस दर्द की तस्वीर है, जहां विकास की राह देखने वाले ग्रामीणों ने मजबूरी में सड़क को ही खेत बना दिया. ग्रामीणों द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

बारिश में सड़क बन जाती है तालाब

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात होते ही गांव का मुख्य रास्ता जलभराव की चपेट में आ जाता है. जगह-जगह गड्ढे हैं. इनमें पानी भरने के बाद रास्ते पर कीचड़ फैल जाता है. इससे पैदल आवागमन भी मुश्किल हो जाता है. बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से बाहर निकलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में इस रास्ते से गुजरना मजबूरी बन जाता है.

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं सुधरी हालत

ग्रामीण इलियास, मुंशी, कृपाली, बिंदु, सुशील और जलीश समेत अन्य लोगों ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम पंचायत, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई. इसके बावजूद रास्ते की हालत में सुधार नहीं हुआ .ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश शुरू होते ही समस्या और गंभीर हो जाती है. पानी और कीचड़ के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सोमवार को जलभराव वाले रास्ते पर पहुंचे. उन्होंने वहीं धान की रोपाई शुरू कर दी. ग्रामीणों ने इस अनोखे तरीके से जिम्मेदारों का ध्यान सड़क की बदहाली की ओर खींचने की कोशिश की. ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, तो उसी पर धान रोपकर अपनी परेशानी बताना ही बेहतर है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि सड़क की मरम्मत कराना है.

जल्द काम शुरू कराने की मांग

ग्रामीणों ने जर्जर रास्ते का जल्द निर्माण या मरम्मत कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध जारी रखा जाएगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन के बाद जिम्मेदार उनकी समस्या पर ध्यान देंगे और रास्ते की बदहाली दूर होगी.

Must Read : अमित शाह को राहुल गांधी का जवाब-हमें उन्हें सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं, वे इस्तीफा दें


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By खुशी सिंह

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >