Sambhal Murder Case: उत्तर प्रदेश के संभल में पारिवारिक विवाद और रंजिश के चलते पिता द्वारा अपनी ही 18 वर्षीय बेटी की सोते समय गोली मारकर हत्या करने के करीब सात साल पुराने सनसनीखेज मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड को दुस्साहसिक करार देते हुए दोषी पिता नेम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, अदालत ने उस पर 16,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
बड़े बेटे के पक्ष में खड़ी होती थी बेटी
एडीजीसी रीता रानी के मुताबिक, नेम सिंह के खिलाफ उसकी बेटी नीतीश कुमारी की हत्या का मुकदमा उसके छोटे बेटे सौरभ ने दर्ज कराया था. घटना 25/26 अक्टूबर 2019 की रात की है. बताया गया कि नेम सिंह और उसके बड़े बेटे गौरव के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. गौरव दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था. बहन नीतीश अक्सर इस विवाद में बड़े भाई का पक्ष लेती थी, जिससे पिता उससे नाराज रहता था.
कव्वाली देखकर लौटे थे भाई-बहन, पिता ने मंगवाया तमंचा
सौरभ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बहन की हत्या से करीब एक साल पहले गौरव और उसके पिता के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि उस दौरान नेम सिंह ने गौरव को नुकसान पहुंचाने के लिए बाहर से कुछ लोगों को बुलाया था. गांव वालों ने उन्हें पकड़कर पीटकर भगा दिया था. इसके बाद गौरव दिल्ली में रहकर नौकरी करने लगा. घटना वाली रात सौरभ और नीतीश गांव में कव्वाली देखने गए थे और करीब रात 1 बजे घर लौटे. घर पहुंचने के बाद पिता ने नीतीश से पुराने घर से तमंचा और कारतूस मंगवाए. इसके बाद परिवार सो गया.
सोते समय बेटी को मारी गोली, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
सौरभ की शिकायत के मुताबिक, रात में किसी समय नेम सिंह ने सोते हुए नीतीश को तमंचे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई. मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी की अदालत में हुई. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीता रानी ने आरोपी के वकील की दलीलों का विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने नेम सिंह को दोषी माना और सोमवार को आजीवन कारावास के साथ 16,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.
