UP News: संभल के मुख्य चौधरी सराय चौराहे पर स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद अब नए प्रशासनिक जांच के घेरे में आ गई है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संरक्षित एएसआई संपत्ति की जमीन पर करीब 10 से 15 वर्ष पूर्व अवैध रूप से इस ढांचे का निर्माण किया गया था. शिकायती पत्र में दावा किया गया है कि भूमि पर जबरन कब्जा करके इस इमारत को जानबूझकर बनाया गया था. प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करा दी है.
जिलाधिकारी ने एसडीएम को सौंपी जांच, मुतवल्ली ने आरोपों को बताया आधारहीन
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने संभल के उपजिलाधिकारी को इस पूरे प्रकरण के राजस्व रिकॉर्ड निकालकर विस्तृत निष्पक्ष जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. वहीं दूसरी ओर, मस्जिद के मुतवल्ली ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह ढांचा कई सौ वर्ष पुराना है और वक्फ बोर्ड की पंजीकृत भूमि पर बना हुआ है. उनका कहना है कि कुछ वर्ष पहले केवल पुरानी इमारत का जीर्णोद्धार और सामान्य मरम्मत का कार्य ही कराया गया था.
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी आगामी विधिक कार्रवाई
पिछले समय में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद से स्थानीय प्रशासन अवैध निर्माणों और जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है. सरकारी और संरक्षित संपत्तियों को चिह्नित करके नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी है. जिलाधिकारी का कहना है कि राजस्व टीम की जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. वर्तमान में राजस्व अभिलेखों और पुराने नक्शों का गहनता से मिलान किया जा रहा है.
