Rajpal Yadav Supreme Court: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से ताल्लुक रखने वाले राजपाल यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. चेक बाउंस के 7 मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट से 3 महीने की सजा बरकरार रहने के बाद अब राजपाल यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वहां से भी उन्हें बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि राहत चाहिए तो पहले 5 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
दरअसल, 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 3 महीने की सजा का फैसला बरकरार रखा था. इसी आदेश के खिलाफ राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने एडवोकेट सौरभ त्रिवेदी की दलील सुनने के बाद आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को 9 सितंबर (बुधवार) तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे. बेंच ने कहा - अगर याचिकाकर्ता 9 सितंबर तक 5 करोड़ रुपये जमा कर देते हैं, तो उन्हें सरेंडर करने से छूट मिल जाएगी, वरना उन्हें जेल जाना होगा. कोर्ट ने नोटिस जारी कर अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है.
फिल्म प्रोजेक्ट से शुरू हुआ था विवाद
आपको बता दें, ये पूरा विवाद एक फिल्म प्रोजेक्ट को लेकर है. हाल ही में राजपाल यादव ने शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में इस पर खुलकर बात की थी. जब उनसे पूछा गया कि इतनी फिल्में करने के बाद भी वह 5 करोड़ का कर्ज क्यों नहीं चुका पाए? इस पर राजपाल ने कहा था - 'यही असली सवाल है. ये पैसे का मुद्दा नहीं है, ये सिद्धांतों की लड़ाई है. अगर ये पैसों का मामला होता तो 2012 में ही सुलझ गया होता' उन्होंने दावा किया था कि इस 5 करोड़ के चक्कर में उन्हें 17 से 22 करोड़ रुपये तक का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इस 5 करोड़ ने 17 करोड़ डुबाने का काम किया है.
