उत्तर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था! गर्भवती महिला को चारपाई पर लिटाकर ट्यूब के सहारेपार कराई नदी

आगरा से सामने आए इस वीडियो ने उत्तर प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बदहाल सड़कों की हकीकत उजागर कर दी है. एक गर्भवती महिला को ट्यूब के सहारे उटंगन नदी पार कराने का यह दृश्य स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

आगरा जिले से सामने आया एक वीडियो उत्तर प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बदहाल सड़कों की हकीकत सामने ला रही है. वायरल वीडियो में उटंगन नदी पार करने के लिए एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे को चारपाई पर लिटाकर नदी पार कराते हुए देखा जा सकता है.

ट्यूब के सहारे नदी पार करने को मजबूर परिवार

वायरल वीडियो के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल पहुंचाने के लिए आधी रात के बाद नदी पार करनी पड़ी. नदी में पानी और खराब रास्ते के बीच चारपाई को ट्यूब के सहारे खींचकर दूसरी ओर ले जाया गया. यह तस्वीर ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

सड़क और रास्ते की बदहाली बनी बड़ी चुनौती

स्थानीय स्तर पर सड़क और आवागमन की सुविधाओं की कमी का खामियाजा सबसे ज्यादा मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठाना पड़ता है। आपात स्थिति में अस्पताल तक समय पर पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

सरकारी दावों पर उठे सवाल

एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसी तस्वीरें उन दावों की हकीकत पर सवाल खड़े करती हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से उम्मीद है कि इस मामले का संज्ञान लेकर ग्रामीण सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे.

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लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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