"मंडप सजा था, सब कुछ तैयार था… फिर दुल्हन ने ऐसा क्या देखा कि शादी से कर दिया इनकार?"

Prayagraj News: द्वारचार के समय दूल्हे को देखते ही दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया. उसने दूल्हे को पिता की उम्र का बताया. दूल्हा बदलने का आरोप लगाते हुए दोनों पक्षों में हंगामा हुआ. पुलिस पहुंची, लेकिन दुल्हन नहीं मानी. बारात बिना दुल्हन के लौट गई.

Prayagraj News: फूलपुर में शादी की तैयारियों के बीच अचानक कुछ ऐसा हुआ कि खुशियों का माहौल तनाव और हंगामे में बदल गया. द्वारचार की रस्म चल रही थी, घराती मेहमानों की आवभगत में जुटे थे और दुल्हन सजी-धजी बैठी थी, लेकिन जैसे ही उसने दूल्हे को देखा, सब कुछ थम गया. उसने साफ शब्दों में शादी से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि दूल्हा उसकी पिता की उम्र का है और वह किसी उम्रदराज व्यक्ति से शादी नहीं कर सकती.

बारात में हंगामा, दूल्हा बदलने का लगा आरोप

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है, जहां मध्य प्रदेश के इंदौर से बारात आई थी. बारातियों की खातिरदारी और जलपान के बाद जैसे ही द्वारचार की रस्म शुरू हुई, दुल्हन ने मंडप में आने से पहले ही दूल्हे को देख कर शादी से इनकार कर दिया. कन्या पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि बारात में दूल्हा बदल दिया गया है. उन्होंने कहा कि जो तस्वीर और जानकारी उन्हें पहले दी गई थी, वह अलग थी. मौके पर मौजूद अगुवा (बिचौलिया) पर संदेह जताया गया, जो हंगामा होते ही मौके से भाग निकला.

पुलिस पहुंची मौके पर, पंचायतें भी रहीं नाकाम

घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर यूपी 112 और फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही. कई घंटों तक चली पंचायत और समझौते की कोशिशों के बावजूद भी बात नहीं बनी. दुल्हन ने साफ कहा कि वह अपनी मर्जी के खिलाफ किसी भी कीमत पर शादी नहीं करेगी.

बारात लौटी बैरंग, फिर भी निभाई गई इंसानियत

हंगामे और असफल शादी के बाद ज्यादातर बाराती रात में ही इंदौर लौट गए, जबकि कुछ बाराती जो रुक गए थे, उन्हें घरातियों ने सुबह तक रुकवाया. भले ही शादी नहीं हुई, लेकिन कन्या पक्ष ने इंसानियत दिखाते हुए भोजन कराया और उन्हें अच्छे से विदा किया. इंदौर से आई बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई.

इलाके में चर्चा का विषय बनी यह अनोखी शादी

यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई. गांव से लेकर सोशल मीडिया तक लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि आज के दौर में भी कुछ परिवार शादी जैसे फैसले को केवल लेन-देन और समझौते का विषय मानते हैं, जबकि नई पीढ़ी अपने फैसलों में स्पष्ट और स्वतंत्र हो चुकी है.

यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि पारदर्शिता, सहमति और उम्र की समानता जैसे मुद्दों को नजरअंदाज कर रिश्तों की नींव नहीं रखी जा सकती. किसी भी रिश्ते में जबरदस्ती या छल का कोई स्थान नहीं होना चाहिए.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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