प्रयागराज में घूस नहीं मिलने पर अविवाहित युवती को बताया विवाहित, VDO निलंबित

UP News: प्रयागराज में एक ग्राम विकास अधिकारी पर आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ दिलाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. पैसे न देने पर उसने अविवाहित युवती को कागजों में विवाहित दिखाकर आवेदन रद्द कर दिया. मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर आरोपी VDO को निलंबित कर दिया गया है.

UP News: प्रयागराज जिले के फूलपुर ब्लॉक अंतर्गत चकरारी गांव से रिश्वत न देने पर फर्जी रिपोर्ट देने का मामला सामने आया है. यहां की निवासी सुशीला देवी ने अपनी पुत्री राधिका के विवाह के लिए 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' में आवेदन किया था. आरोप है कि सत्यापन के लिए पहुंचे ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश कुमार ने योजना का लाभ दिलाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. जब पीड़िता ने गरीबी के कारण घूस देने से इनकार कर दिया, तो बौखलाए अधिकारी ने अविवाहित युवती को कागजों में विवाहित दिखाकर आवेदन खारिज कर दिया.

जांच में खुली झूठी रिपोर्ट की पोल

अधिकारी की इस गलत रिपोर्ट के कारण समाज कल्याण विभाग ने गरीब परिवार का आवेदन निरस्त कर दिया, जिससे वह योजना के लाभ से वंचित रह गए. इसके बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई. मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षिका सिंह ने जब इस गंभीर मामले की जांच कराई, तो पाया गया कि युवती पूरी तरह अविवाहित थी और उसका विवाह योजना की तारीख के तीन दिन बाद संपन्न हुआ था. VDO द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी और मनघड़ंत सिद्ध हुई.

आरोपी अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई

जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने त्वरित कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने आरोपी ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जिला विकास अधिकारी (DDO) जीपी कुशवाहा को जारी कर दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वाले और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार फैलाने वाले कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस सख्त कार्रवाई से ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लाभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत राज्य सरकार प्रत्येक पात्र जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये का बजट व्यय करती है. इस योजना के प्रावधानों के अनुसार, कन्या के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक सहायता के लिए 60 हजार रुपये सीधे उसके बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं, इसके अतिरिक्त 25 हजार रुपये के आवश्यक उपहार और दैनिक उपयोग की सामग्रियां नवदंपति को प्रदान की जाती हैं. वहीं, शेष 15 हजार रुपये की धनराशि विवाह समारोह के भव्य आयोजन और खान-पान की व्यवस्था पर खर्च की जाती है. - इनपुट: शशांक मिश्रा

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लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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