500 के नकली नोटों का घोटाला, सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ गायब, मिले 340 जाली बंडल

PNB Fake Note Scam: सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है. 500 रुपये के 340 बंडलों में नकली करेंसी का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ. जांच एजेंसियां इस बड़े फर्जीवाड़े की तह तक पहुंचने में जुटी हैं.

PNB Fake Note Scam: सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद हुए. 500-500 रुपये के नए नोटों के 340 बंडलों में मिले इन नकली नोटों ने बैंक अधिकारियों से लेकर जांच एजेंसियों तक के होश उड़ा दिए हैं. प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरबीआई से आई नई करेंसी की फोटोकॉपी या प्रिंट निकालकर असली नोटों को चेस्ट से पार कर दिया गया और उनकी जगह ये जाली नोट खपा दिए गए.

340 बंडल में मिले 500-500 रुपये के नकली नोट

करेंसी चेस्ट में हुई ऑडिट के दौरान 340 बंडल नकली नोट मिले हैं. इनकी कुल कीमत 17 करोड़ रुपये बताई गई है. सभी नकली नोट 500 रुपये के हैं. इनमें ज्यादातर नोट नए होने की बात सामने आई है. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक किस तरह पहुंचे और उन्हें असली नोटों के साथ कैसे शामिल किया गया.

नई करेंसी की फोटो कॉपी या प्रिंट से नकली नोट बनाने की आशंका

प्रारंभिक जांच में आशंका है कि आरबीआई से भेजी गई नई करेंसी के नोटों की फोटो कॉपी अथवा प्रिंट तैयार कर नकली नोट बनाए गए. इसके बाद इन्हें असली नोटों के साथ करेंसी चेस्ट में रख दिया गया. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि असली नोट चेस्ट से कब और किस तरीके से बाहर निकाले गए और उनकी जगह नकली नोट कैसे पहुंचाए गए.

23 मशीनों से हुई गिनती, हर सीरियल नंबर की भी जांच

बैंक अधिकारियों के मुताबिक नकली नोटों की गिनती और जांच के लिए 23 मशीनें लगाई गई थीं. प्रत्येक नोट को मशीन के माध्यम से जांचने के साथ उसके सीरियल नंबर की भी पड़ताल की गई. बैंक के पार्टटाइम हाउसकीपर की चोरी के मामले की जांच के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों का खुलासा हुआ. इसके बाद करेंसी चेस्ट में मौजूद नोटों की विस्तृत जांच की गई.

तीन अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आएगा पूरा मामला

मामले में वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय के रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी होने के बाद पूरे मामले की जानकारी सामने आने की उम्मीद है. फिलहाल जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के नकली नोट किस तरह पहुंचे और असली नोटों को कब और कैसे बाहर किया गया.

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By कोमल अग्रवाल

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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