अयोध्या के 7 हजार परिवारों को पक्के घर के लिए मिलेंगे पैसे, 89 ग्राम पंचायतों में अब AI तय करेगा किसे मिलेगा आवास

PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अयोध्या के हजारों परिवारों के लिए पक्के घर का सपना जल्द पूरा होने वाला है. रुदौली विकासखंड की 89 ग्राम पंचायतों में पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. AI तकनीक के इस्तेमाल से चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है.

PM Awas Yojana: लंबे समय से पक्के घर का इंतजार कर रहे अयोध्या के हजारों परिवारों के लिए अब उम्मीद बढ़ गई है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है. रुदौली विकासखंड की सभी 89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठकों के जरिए पात्र परिवारों के नाम पर अंतिम मुहर लग चुकी है और सूची शासन को भेज दी गई है. अब शासन स्तर पर तकनीकी जांच और लक्ष्य तय होने के बाद पात्र परिवारों को आवास की मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा.

डेढ़ साल से पक्के घर का इंतजार, अब बढ़ी उम्मीद

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत करीब डेढ़ वर्ष से अपने पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे जरूरतमंद परिवारों के लिए यह प्रक्रिया काफी अहम मानी जा रही है. वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को अब योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है.

89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक से हुआ चयन

रुदौली विकासखंड की सभी 89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक आयोजित की गई. ग्रामीणों की मौजूदगी में सर्वे सूची पर बिंदुवार चर्चा हुई. स्थानीय लोगों से मिले सुझावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया. ग्राम सभाओं से मंजूरी मिलने के बाद यही सूची अब शासन को भेज दी गई है.

7 हजार से ज्यादा परिवारों का हुआ था सर्वे

लाभार्थियों की पहचान के लिए जनवरी 2024 में व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया था. इसके तहत 35 कर्मचारियों की टीम ने घर-घर पहुंचकर 7,122 से अधिक परिवारों की आर्थिक और आवासीय स्थिति का आकलन किया. इसके बाद ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित समितियों ने आवेदनों की जांच की. हर आवेदन का सत्यापन, क्रॉस चेकिंग और परीक्षण किया गया, ताकि पात्र परिवारों की सही पहचान हो सके.

एआई की मदद से भी हुई पात्रता की जांच

चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे. अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी जांच के साथ जमीनी स्तर पर भी सत्यापन किया गया है.

ग्रामीणों की मौजूदगी में तय हुए लाभार्थियों के नाम

खुली ग्राम सभाओं में ग्रामीणों के सामने सर्वे सूची रखी गई. एक-एक बिंदु पर चर्चा हुई और लोगों की ओर से मिली आपत्तियों व सुझावों का निस्तारण किया गया. इसके बाद लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया. इस प्रक्रिया से चयन में पारदर्शिता के साथ ग्रामीणों का भरोसा भी मजबूत हुआ है.

अब शासन तय करेगा आवास का लक्ष्य

अधिकारियों का कहना है कि शासन की प्राथमिकता ऐसे परिवारों को योजना का लाभ देना है, जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित और पक्का मकान नहीं है. खंड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ग्राम सभाओं से अनुमोदित सूची शासन को भेज दी गई है. अब शासन स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और लक्ष्य प्राप्त होने के बाद पात्र लाभार्थियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाए जाएंगे.

पारदर्शी प्रक्रिया से किसी पात्र का हक न छूटे, यही लक्ष्य

अखिलेश कुमार गुप्ता के मुताबिक पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीकी मानकों के अनुसार पूरी की गई है. कोशिश यही है कि पात्र परिवारों को उनका अधिकार मिले और किसी वास्तविक जरूरतमंद का नाम प्रक्रिया से बाहर न रह जाए.

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By लक्की कुमारी

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