उफनती नदी, खाट पर प्रसूता और 'ट्यूब' की नाव...एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो जान पर खेलकर बची जच्चा-बच्चा की जिंदगी

UP News: बुधवार रात पिनाहट के सुखलालपुरा गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को जान जोखिम में डालनी पड़ी. नदी पर पुल न होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. खाट पर प्रसूता को ट्यूब के सहारे नदी पार कराया गया, जिसके बाद उसने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया. यह घटना गांव की बदहाल स्थिति को उजागर करती है.

UP News : पिनाहट के सुखलालपुरा गांव में बुधवार रात प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को जान जोखिम में डालनी पड़ी. उटंगन नदी पर पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. ऐसे में परिजनों ने खाट को बड़ी ट्यूब पर रखा और प्रसूता को नदी पार कराकर फतेहाबाद अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में महिला ने बेटे को जन्म दिया. गुरुवार सुबह मां और नवजात को फिर इसी रास्ते से घर लाया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

प्रसव पीड़ा बढ़ी तो सामने आई बड़ी मजबूरी

बुधवार रात करीब दो बजे रग्गी कुमार की पत्नी केशवती को प्रसव पीड़ा हुई. परिजनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन गांव तक एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता नहीं था. गांव के किनारे बह रही उटंगन नदी पर पुल भी नहीं है .मजबूरी में परिजनों ने एक बड़ी ट्यूब के ऊपर खाट रखी. प्रसूता को खाट पर लिटाया गया. इसके बाद परिजन ट्यूब के सहारे नदी पार कराकर उन्हें फतेहाबाद अस्पताल ले गए.

अस्पताल में बेटे का जन्म, फिर उसी रास्ते घर पहुंची मां

फतेहाबाद अस्पताल में केशवती ने बेटे को जन्म दिया. बच्चे के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था. हालांकि, घर लौटने की चुनौती अभी बाकी थी. गुरुवार सुबह प्रसूता और नवजात को फिर ट्यूब के सहारे उटंगन नदी पार कराई गई. इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया. गुरुवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. करीब एक हजार की आबादी, लेकिन पक्का रास्ता नहीं ग्रामीणों के अनुसार सुखलालपुरा गांव जंगल के बीच बसा है. गांव की आबादी करीब एक हजार है. गांव से बाहर निकलने के लिए पक्का मार्ग नहीं है. गांव के किनारे उटंगन नदी बहती है. नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को ट्यूब के सहारे नदी पार करनी पड़ती है. बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है. ऐसे में खतरा और बढ़ जाता है.

नदी पार करते समय कई हादसे हो चुके हैं

ग्रामीणों का कहना है कि उटंगन नदी पार करते समय कई हादसे हो चुके हैं. महेंद्र वर्मा, कालीचरण, प्रेम सिंह, बहोरन सिंह, भगवती प्रसाद, रामप्रसाद, देवेंद्र, रेशमा देवी, रेशी देवी, वेणी, गुड़िया, गीता, प्रेमा देवी और सावित्री समेत कई ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग की है. ग्रामीणों के मुताबिक, अधिकारी से लेकर नेताओं तक कई बार अपनी समस्या पहुंचाई गई. इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण नहीं हुआ.

तीन महीने पहले नदी किनारे दिया था धरना

ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले उन्होंने उटंगन नदी के किनारे धरना दिया था. इस दौरान नदी पर पुल निर्माण के साथ रेलवे अंडरपास और गांव तक पक्का रास्ता बनवाने की मांग की गई थी. ग्रामीणों का कहना है कि धरने के बाद उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. अब प्रसूता को खाट पर लिटाकर उफनती नदी पार कराने का वीडियो सामने आने के बाद गांव की बदहाल स्थिति फिर चर्चा में है.

Must Read : मांग में लिपस्टिक, पैरों में नई बिछिया और 6 माह का गर्भ... मौत से पहले सजी या कत्ल के बाद बनाई गई 'दुल्हन'? जानिए कानपुर में हत्या का सच!


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By खुशी सिंह

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >