UP News: नोएडा के मामूरा में 27 जुलाई को प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.आरोपी ने वारदात के बाद पहचान मिटाने और पुलिस से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन पत्नी को किए गए एक धमकी भरे फोन कॉल ने उसका सच सामने ला दिया. पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और 27 दिन बाद आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
पत्नी को फोन करना पड़ा भारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुभाष चंद्र ने 27 जुलाई को मामूरा में साथ रह रही महिला की गला दबाकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को बुलाया. तीनों ने शव को पहले बाइक पर इस तरह ले जाया कि देखने वालों को महिला के बीमार होने का शक हो. बाद में शव को पिकअप वाहन में रखकर दादरी के पास कोट नहर में फेंक दिया गया. महिला का शव 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से बरामद हुआ था.
शराब के नशे में दी धमकी
हत्या के बाद सुभाष ने अपनी पत्नी कांति देवी को फोन किया. उसने पहले पत्नी से कहा कि उसे उसकी याद आ रही है और वापस आकर साथ रहने का दबाव बनाया. साथ ही तलाक का मुकदमा वापस लेने को कहा. आरोप है कि पत्नी के इनकार करने पर उसने धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं रहेगी तो उसे भी वहां भेज देगा, जहां दूसरी महिला गई है. इस धमकी से घबराई पत्नी 20 अगस्त को फेज-3 थाने पहुंची और अपनी सौतन की हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दी.
शादी के दो साल बाद छोड़ दिया था घर
पुलिस जांच में सामने आया कि कांति देवी की शादी वर्ष 2013 में सुभाष चंद्र से हुई थी. शादी के करीब दो साल बाद सुभाष ने उसे छोड़ दिया और हजारीबाग, बिहार की रहने वाली 38 वर्षीय दूसरी महिला के साथ रहने लगा. वर्ष 2021 में पहली पत्नी ने शादी से जुड़े दस्तावेज तैयार कर एटा कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया था. मामला अभी विचाराधीन है. दूसरी ओर, पुलिस मथुरा में मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान कराने की कोशिश कर रही थी.
अवैध संबंध के शक में हत्या, दो सहयोगी भी गिरफ्तार
पूछताछ में 32 वर्षीय सुभाष ने पुलिस को बताया कि उसे साथ रह रही महिला के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का शक था. इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद उसने अपना पिकअप वाहन मामूरा में मिठाई की दुकान के पास खड़ा किया और दोनों सहयोगियों की मदद से शव को ठिकाने लगाया. अगले ही दिन उसने किराये का कमरा खाली किया और फिरोजाबाद चला गया. पुलिस ने हत्या और शव ठिकाने लगाने के आरोप में सुभाष के साथ उसके चचेरे भाई सर्वेंद्र और बहनोई नीरज को गिरफ्तार किया है.
