UP News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों के लिए अब महंगा फ्लैट खरीदना भी पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं रह गया है. अलग-अलग सोसाइटियों में छत, बालकनी और दीवारों से प्लास्टर या सीमेंट के हिस्से गिरने की घटनाओं ने निवासियों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें इस बात का डर बना रहता है कि कहीं ऊंची मंजिल से गिरा मलबा किसी बड़े हादसे की वजह न बन जाए.
सेक्टर-78 में प्लास्टर गिरने से दहशत
नोएडा के सेक्टर-78 स्थित आदित्य अर्बन कासा में प्लास्टर गिरने की घटनाओं को लेकर निवासी परेशान हैं. वहीं इसी सेक्टर की अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 सोसाइटी में भी ऊपरी मंजिलों से प्लास्टर और मलबा गिरने की शिकायतें सामने आई हैं. निवासियों के मुताबिक, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर खास चिंता है. स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में कुछ लोग हेलमेट पहनकर सोसाइटी परिसर में चलते नजर आए, जिससे समस्या की गंभीरता चर्चा में आ गई.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी सामने आए मामले
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटियां भी ऐसी घटनाओं को लेकर पहले चर्चा में रही हैं. विहान ग्रीन्स में जुलाई 2026 के दौरान करीब 10 दिनों में 20 से 25 घरों में प्लास्टर गिरने की घटनाओं का दावा निवासियों की ओर से किया गया. लोगों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच और स्थायी मरम्मत की मांग उठाई. इसके अलावा गैलेक्सी रॉयल में अगस्त 2025 में एक टावर से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरने की घटना सामने आई थी. पंचशील हाईनिश में भी अक्टूबर 2025 में बालकनी का प्लास्टर गिरने की शिकायत सामने आई थी.
करोड़ों के निवेश के बाद भी डर
आदित्य अर्बन कासा के निवासियों का कहना है कि यहां रहने के लिए किराए पर भी हर महीने करीब 30 से 40 हजार रुपये तक खर्च हो सकते हैं, जबकि अपना फ्लैट खरीदने में लोगों ने बड़ी रकम लगाई है. इसके बावजूद यदि निर्माण की गुणवत्ता या रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हों तो लोगों की चिंता स्वाभाविक है. निवासियों का कहना है कि उन्हें इस बात का भरोसा चाहिए कि इमारत के कमजोर हिस्सों की समय पर पहचान और मरम्मत की जाएगी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो.
50-60 लाख का फ्लैट लेकर भी सुविधाओं से शिकायत
सेक्टर-73 के सर्फाबाद स्थित एक सोसाइटी के निवासी सुधीर राय ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले करीब 50 से 60 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा और परिवार के साथ रहने लगे. उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव से जुड़ी कई कमियां ऐसी हैं, जिनसे उन्हें अपने फैसले पर चिंता होने लगी है. उनका सवाल है कि जब इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी परिवार की सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं को लेकर आश्वस्त नहीं हुआ जा सकता, तो लोग खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें.
स्थायी समाधान की मांग
लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बीच हाईराइज सोसाइटियों के निवासी अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय इमारतों की तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि प्लास्टर गिरने जैसी घटनाओं को सामान्य मानने के बजाय इसकी मूल वजह का पता लगाया जाना चाहिए. निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और संरचनात्मक सुरक्षा की नियमित जांच से ही ऐसे जोखिमों को कम किया जा सकता है. निवासियों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियां शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर सुरक्षा के ठोस कदम उठाएंगी.
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