Naga Sadhus Video : नागा साधु को देखने उमड़ी भीड़, महिला नागा संन्यासी भी पहुंचीं संगम तट

Naga Sadhus Video : महाकुंभ मेले में त्रिवेणी तट पर नागा साधु आकर्षण का केंद्र बनते नजर आए. काला चश्मा पहनकर वे स्नान करने पहुंचे. यहां उन्होंने तस्वीर लेने से किसी को नहीं रोका.

Naga Sadhus Video : महाकुंभ में सोमवार को बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित तीसरे अमृत स्नान में नागा साधु आकर्षण का केंद्र बनते दिखे. उनके विशिष्ट स्वरूप और अनुष्ठानों की वजह से श्रद्धालु उन्हें देखने पहुंचे. अमृत स्नान के लिए अधिकांश अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं के अनुशासन की हर कोई तारीफ करता नजर आया. उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था. कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए वे नजर आए.

काला चश्मा पहनकर स्नान करने पहुंचे नागा साधु

नागा साधुओं ने हथियार चलाने के कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया. कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार नजर आए, जबकि अन्य गले में माला और त्रिशूल लटकाए नंगे पांव चलते दिखे. जब श्रद्धालु उनकी तस्वीर ले रहे थे तो साधुओं का उत्साह देखने लायक था. कुछ ने तो काले चश्मे भी पहने हुए थे, जिससे दर्शक काफी खुश हुए. पुरुष नागा साधुओं के साथ ही महिला नागा संन्यासियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी दिखी.

पुरुष नागाओं और महिला नागा संन्यासी में अंतर जानें

पुरुष नागाओं की तरह ही महिला नागा संन्यासी भी उसी ढंग से तप और योग में लीन रहती हैं. फर्क केवल इतना होता है कि ये गेरुआ वस्त्र धारण करती हैं. इसके अतिरिक्त, खुद के साथ परिवार के लोगों का पिंड दान करना होता हैु इसके बाद जाकर महिला नागा संन्यासी बन पाती हैं.

स्नान पर्व पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़

यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या पर नजर डालें, तो सबसे ज्यादा 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था. 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई. बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक ही 62 लाख से ज्यादा लोगों ने स्नान किया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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