हमें अपराधी बना दिया, भाई को गोली मार दी, अखिलेश के STF वाले बयान पर संजय निषाद का पलटवार

UP Politics: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के STF पर दिए बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने तीखे पलटवार करते हुए पिछली सरकार पर जाति के आधार पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं.

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में STF को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान STF को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे 'स्वजातीय टास्क फोर्स' बताया था. अब इस बयान पर निषाद पार्टी के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर जाति के आधार पर भेदभाव करने और अपने समाज के लोगों को निशाना बनाने के आरोप लगाए.

'मेरे सामने भाई को गोली मारी गई'

संजय निषाद ने अपने पुराने आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि 2015 में निषाद समाज के आंदोलन के दौरान उनके परिवार और समर्थकों के साथ कार्रवाई हुई थी. उन्होंने दावा किया कि उनके सामने उनके भाई को गोली मारी गई थी और इस घटना का दर्द आज भी उनके परिवार के साथ जुड़ा हुआ है. संजय निषाद ने आरोप लगाया कि उस समय आंदोलन में शामिल लोगों को अपराधी घोषित किया गया और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

पिछली सरकार पर जाति देखकर कार्रवाई का आरोप

अखिलेश यादव के STF संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी से लेकर पुलिस कार्रवाई तक में कुछ वर्गों को प्राथमिकता दी जाती थी. संजय निषाद ने कहा कि अगर उस समय सभी जातियों को समान अवसर मिला होता तो विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग बड़ी संख्या में विधानसभा, लोकसभा और प्रशासनिक सेवाओं में दिखाई देते.

भर्तियों और सरकारी नौकरियों को लेकर भी उठाए सवाल

संजय निषाद ने सरकारी नौकरियों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग जातियों के लोगों को अवसर मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले उनके समाज और अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों की सरकारी संस्थानों में पर्याप्त भागीदारी नहीं दिखाई देती थी. उन्होंने विपक्ष पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के कारण अब समाज के अलग-अलग वर्गों के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है.

2015 के आंदोलन का फिर किया जिक्र

निषाद पार्टी प्रमुख ने 2015 के रेल आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण थे. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान कई घटनाएं हुईं, लोगों पर कार्रवाई की गई और निषाद समाज के लोगों को निशाना बनाया गया. संजय निषाद के मुताबिक, बाद में मामले को लेकर अदालत में भी सवाल उठे और पुलिस कार्रवाई को लेकर न्यायिक स्तर पर टिप्पणी हुई. उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं को लेकर विपक्ष को जवाब देना चाहिए.

STF बयान से 2027 से पहले बढ़ी राजनीतिक तल्खी

STF और जाति आधारित कार्रवाई को लेकर शुरू हुई यह बयानबाजी अब यूपी की राजनीति में नया मुद्दा बनती दिख रही है. एक तरफ अखिलेश यादव योगी सरकार पर जाति देखकर कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ संजय निषाद सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेकर जवाब दे रहे हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जाति, कानून व्यवस्था, सरकारी भर्तियों और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं.

यह भी देखें: एक तरफ Gen-Z, दूसरी तरफ बूथ की ताकत, 2027 के लिए बीजेपी-सपा ने खोले नए चुनावी पत्ते

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >