UP News : मेरठ में छह दिन से लापता 14 वर्षीय कांवड़िया आखिरकार अपने परिवार से मिल गया. दिल्ली के बुराड़ी से हरिद्वार कांवड़ लेने गया पंकज लौटते समय मुजफ्फरनगर और मेरठ के बीच अपने साथियों से बिछड़ गया था. इसके बाद परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे. सोशल मीडिया पर उसकी गुमशुदगी की जानकारी सामने आने के बाद मेरठ पुलिस ने तलाश शुरू की. जांच में पता चला कि पंकज 6 अगस्त को एनएच-58 पर घायल और बेहोशी की हालत में मिला था. उसे सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली लौट रहा था पंकज
पंकज अपने साथियों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली लौट रहा था. इसी दौरान वह रास्ते में साथियों से अलग हो गया. परिवार को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आसपास के इलाकों के साथ अन्य संभावित जगहों पर उसकी तलाश शुरू की. कई कोशिशों के बाद भी छह दिन तक उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसी बीच पंकज की तस्वीर और उसके लापता होने की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर होने लगी. मामला मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे तक पहुंचा. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों को किशोर की तलाश करने के निर्देश दिए.
एनएच-58 पर बेहोशी की हालत में मिला था किशोर
पुलिस की जांच में सामने आया कि 6 अगस्त को एनएच-58 पर एक किशोर घायल और बेहोशी की हालत में मिला था. बुलंदशहर के सचिन ने उसे इलाज के लिए सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया था. किशोर की हालत ऐसी थी कि वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं था. अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसके परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
तस्वीर और हुलिये से पुलिस को हुआ शक
थाना जानी पुलिस ने सोशल मीडिया पर मिली पंकज की तस्वीर और हुलिये की जानकारी जुटाई. इसके बाद अस्पताल में भर्ती अज्ञात किशोर के विवरण से उसका मिलान किया गया. तस्वीर और हुलिये में समानता मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ कि अस्पताल में भर्ती किशोर ही लापता पंकज हो सकता है. पुलिस ने जानकारी की पुष्टि करने के बाद उसके माता-पिता को मेरठ बुलाया.
अस्पताल पहुंचते ही माता-पिता ने पहचान लिया बेटा
पंकज के माता-पिता अस्पताल पहुंचे. वहां भर्ती किशोर को देखते ही उन्होंने उसकी पहचान अपने बेटे के रूप में कर ली. करीब पांच दिन बाद पंकज को होश आया. बेटे के मिलने की खबर से परिवार ने राहत की सांस ली. फिलहाल पंकज का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
छह दिन की तलाश के बाद परिवार को मिली राहत
पंकज के माता-पिता छह दिनों से उसे लगातार अलग-अलग जगहों पर तलाश रहे थे. बेटे को घायल हालत में अस्पताल में देखकर वे भावुक हो गए. उन्होंने मेरठ पुलिस और एसएसपी का आभार जताया. परिजनों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती मिलेगा. पुलिस की समय पर कार्रवाई से उन्हें अपने बेटे के बारे में जानकारी मिली.इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित पंकज की तस्वीर और हुलिये ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस ने गुमशुदगी की जानकारी को अस्पताल में भर्ती अज्ञात किशोर के विवरण से मिलाया. इसके बाद परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई. एसएसपी के निर्देश पर थाना जानी पुलिस ने लगातार पड़ताल की. पुलिस की तत्परता और सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मिलान के बाद छह दिन से लापता पंकज अपने परिवार तक पहुंच सका. फिलहाल उसका इलाज जारी है और परिवार ने राहत की सांस ली है.
