इश्क में उलझी बेटी से आहत पिता ने लगाई फांसी, सदमे में बिचौलिए की भी हार्ट अटैक से मौत!

Father Suicide After Daughter Love Affair: एक किशोरी प्रेमी संग घर छोड़कर भाग गई. उसके फैसले से आहत पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि रिश्ता तय कराने वाले बिचौलिए की हार्ट अटैक से मौत हो गई. दो मौतों के बाद भी दोनों परिवार चुप हैं और पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई.

Father Suicide After Daughter Love Affair: उत्तर प्रदेश के मेरठ में खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी का अपने ही आसपास के गांव के एक युवक से प्रेम संबंध चल रहा था. स्कूल आते-जाते दोनों का मिलना-जुलना बढ़ा और रिश्ता गहराता चला गया. जैसे ही स्वजन को इसकी भनक लगी, उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. इसके बाद दोनों ने गुपचुप तरीके से कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन दे दिया. स्वजन ने जल्दबाज़ी में परतापुर क्षेत्र के एक गांव के युवक से उसका रिश्ता तय कर गोद भराई की रस्म भी कर डाली. लेकिन 14 जून को किशोरी ने अचानक प्रेमी संग घर छोड़ दिया, जिससे दोनों परिवारों में कोहराम मच गया.

पुलिस ने प्रेमी के घर से किशोरी को बरामद कर सौंपा स्वजन को

किशोरी के फरार होने के बाद परिजनों ने तुरंत खरखौदा थाना पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए किशोरी को प्रेमी के घर से बरामद कर लिया. उसे थाने लाया गया, जहां दोनों पक्षों को बुलाया गया. बातचीत के बाद दोनों परिवारों की सहमति पर पुलिस ने किशोरी को उसके स्वजन के सुपुर्द कर दिया. ल���किन इस घटना का मानसिक प्रभाव इतना गहरा था कि किशोरी ने अगले ही दिन 15 जून को जहरीला पदार्थ खा लिया. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, और दो दिन बाद मामा के घर भेज दिया गया.

रिश्ता तय कराने वाले बिचौलिए की हार्ट अटैक से मौत

किशोरी के उठाए कदम और समाज में फैली चर्चाओं से सबसे ज्यादा शर्मिंदा और दुखी वह बिचौलिया हुआ जिसने यह रिश्ता तय कराया था. उसे महसूस हुआ कि उसकी वजह से दो परिवारों की इज्जत दांव पर लग गई. इसी तनाव में 18 जून को उसे हार्ट अटैक आया और उसने अपने घर में ही दम तोड़ दिया. परिजन इतने दुखी और डरे हुए थे कि उन्होंने पुलिस को कोई सूचना दिए बिना ही बिचौलिए का अंतिम संस्कार कर दिया.

पिता ने फंदा लगाकर दी जान, गांव में मातम

बिचौलिए की मौत से किशोरी के पिता और ज्यादा टूट गए. पहले बेटी के फैसले से सामाजिक अपमान और फिर रिश्तेदार की मौत से वे गहरे सदमे में चले गए. उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया और किसी से कोई बात नहीं की. 26 जून को उनका शव घर के ही एक कमरे में फंदे से लटका मिला. स्वजन ने बिना किसी को बताए और पुलिस को सूचना दिए, उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया. गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस बात से हैरान हैं कि एक किशोरी के फैसले ने किस कदर दो घरों को तबाह कर दिया.

दो मौतों के बाद भी चुप हैं दोनों परिवार, पुलिस भी अनजान

इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि दोनों ही परिवार अब तक इस मामले पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं. किसी ने पुलिस को कोई लिखित जानकारी नहीं दी. गांव में चर्चा है कि समाजिक बदनामी के डर से परिवार चुप्पी साधे हुए हैं. जब इंस्पेक्टर धीरज सिंह से इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने भी घटना की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. ऐसे में दो जिंदगियां चली गईं, लेकिन प्रशासन अब तक अंधेरे में है.

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Published by: Abhishek singh

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