‘चोली के पीछे’ डांस से मारपीट तक, किसान नेता केस में नए SSP का एक्शन, थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

UP News: मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है. नए एसएसपी ने निष्पक्ष जांच के लिए थाना प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है.

UP News: मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है.

सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद जांच तेज

किसान नेता के साथ कथित मारपीट से जुड़ी तस्वीरें और दावे सोशल मीडिया व मीडिया रिपोर्टों के जरिए सामने आने के बाद पुलिस महकमे ने मामले को गंभीरता से लिया. आरोप है कि 19 अगस्त को दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे. वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और बाद में उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाकर भी बर्बरता की गई. दोनों ने शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लगने के आरोप लगाए हैं.

आठ पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई

निष्पक्ष जांच के लिए जिन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, उनमें सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़, उप निरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, नीलम लौर और ललित कुमार शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई फिलहाल जांच प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से की गई है. जांच पूरी होने के बाद आरोपों की पुष्टि के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

अतुल प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाया मुद्दा

मामले को लेकर सपा विधायक अतुल प्रधान भी खुलकर सामने आए. उन्होंने दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग की. इस दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को सामने रखा गया. मामला सामने आने के बाद मेरठ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे थे, जिसके बीच नए SSP की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है.

SSP बदलने के बाद मेरठ में पहला बड़ा फैसला

इस मामले के बीच मेरठ के तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय को हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया और उनकी जगह झांसी के पूर्व SSP बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ की जिम्मेदारी दी गई. शुक्रवार को पदभार संभालने के बाद नए SSP ने मामले की जांच को लेकर यह कदम उठाया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच DIG सहारनपुर रेंज द्वारा की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस का कहना है कि लाइन हाजिर किया जाना अंतिम कार्रवाई नहीं है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल DIG स्तर की जांच में घटनाक्रम की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि किसान नेता और उनके साथी की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में किन पुलिसकर्मियों की वास्तविक भूमिका सामने आती है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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