UP News: मथुरा में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना को लेकर अब जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की दर तय करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मथुरा में ब्रज विकास परिषद की बोर्ड बैठक होगी. इस बैठक में यमुना प्राधिकरण की ओर से हेरिटेज सिटी परियोजना की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी. इसी दौरान जमीन के मुआवजे को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है.
6 हजार करोड़ से ज्यादा की है हेरिटेज सिटी परियोजना
मथुरा हेरिटेज सिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है. छह हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना को यमुना प्राधिकरण के फेज-दो में शामिल किया गया है. परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं.
प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर विकसित होगी हेरिटेज सिटी
हेरिटेज सिटी को एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर विकसित करने की योजना है. इसी वजह से हेरिटेज सिटी और सड़क के लिए खरीदी जाने वाली जमीन की मुआवजा दर एक समान रहने की उम्मीद है. मथुरा जिला प्रशासन जल्द ही जमीन की मुआवजा दर तय कर सकता है.
15.3 किलोमीटर की सड़क जोड़ेगी NH-44 और यमुना एक्सप्रेसवे
परियोजना के तहत 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है. यह सड़क एनएच-44 को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी. इसके साथ ही यमुना प्राधिकरण इसी सड़क से यमुना नदी तक एक और सड़क बनाएगा. सड़क की चौड़ाई 30 मीटर रखी जाएगी.
4500 हेक्टेयर जमीन की होगी खरीद
प्रस्तावित सड़क और उससे जुड़ी परियोजनाओं के लिए करीब साढ़े चार हजार हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी. सड़क आगे यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगी. इस ब्रिज का निर्माण सेतु निगम की ओर से किया जाएगा.
सड़क के पास 17.5 हेक्टेयर में बनेगी पार्किंग
प्रस्तावित सड़क के नजदीक 17.5 हेक्टेयर जमीन में पार्किंग विकसित करने की योजना है. पार्किंग के साथ रेस्त्रां और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. यह हेरिटेज सिटी परियोजना का एक अहम हिस्सा होगा.
753 एकड़ में बनेगी हेरिटेज सिटी
एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क की करीब आधी लंबाई के आसपास दोनों ओर 753 एकड़ जमीन में हेरिटेज सिटी विकसित की जाएगी. हेरिटेज सिटी और उसके हिस्से में आने वाली सड़क के लिए जमीन यीडा यानी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण खरीदेगा. वहीं, बाकी जमीन की खरीद एनएचएआई करेगा.
एक जैसी हो सकती है जमीन की मुआवजा दर
हेरिटेज सिटी और एनएचएआई की सड़क एक-दूसरे से जुड़ी परियोजनाएं हैं. इसलिए दोनों के लिए जमीन की मुआवजा दर समान होने की संभावना जताई जा रही है. ब्रज विकास परिषद की बैठक में यीडा के अधिकारी परियोजना की प्रगति मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे. इसी दौरान जमीन और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है.
PPP मॉडल पर होगा हेरिटेज सिटी का विकास
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक हेरिटेज सिटी का विकास पीपीपी मॉडल पर किया जाना है. इस पूरी परियोजना की लागत छह हजार करोड़ रुपये से अधिक है.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी निविदा प्रक्रिया
परियोजना की निविदा को पीपीपी निविदा मूल्यांकन समिति की मंजूरी मिल चुकी है. अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिव समिति की स्वीकृति के लिए बैठक आयोजित कराने को यीडा की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है. सचिव समिति की मंजूरी के बाद निविदा को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. कैबिनेट की मुहर लगने के बाद विकासकर्ता के चयन के लिए निविदा जारी की जाएगी.
मथुरा हेरिटेज सिटी के 4 मुख्य कंपोनेंट
पहला पोकंनेंट: 753 एकड़ में हेरिटेज सिटी
परियोजना का पहला और प्रमुख हिस्सा 753 एकड़ में विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी है. इसी क्षेत्र में परियोजना के तहत प्रस्तावित प्रमुख विकास कार्य किए जाएंगे.
दूसरा कंपोनेंट: 4500 हेक्टेयर में 30 मीटर सड़क
दूसरे कंपोनेंट में पिलग्रिम योजना के तहत साढ़े चार हजार हेक्टेयर में प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी सड़क शामिल है. यह सड़क एनएच-44 को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी और आगे यमुना नदी तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी.
तीसरा कंपोनेंट: पार्किंग, रेस्त्रां और दूसरी सुविधाएं
तीसरे हिस्से में पार्किंग विकसित की जाएगी. इसके साथ यहां रेस्त्रां और यात्रियों के लिए अन्य सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं. पार्किंग के लिए 17.5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है.
चौथा कंपोनेंट: यमुना पर सस्पेंशन ब्रिज
परियोजना का चौथा हिस्सा यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज है. यह ब्रिज हेरिटेज सिटी से जुड़ी सड़क को आगे कनेक्टिविटी देगा. इसका निर्माण सेतु निगम की ओर से किया जाएगा.
अब जमीन और मुआवजे पर नजर
हेरिटेज सिटी परियोजना की निविदा प्रक्रिया में आगे बढ़ने के साथ अब जमीन खरीद और मुआवजा दर को लेकर भी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है. ब्रज विकास परिषद की बैठक में परियोजना की प्रगति के साथ इन मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. मुआवजा दर तय होने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है.
