यूपी में नेताओं और नौकरशाहों के बीच कुर्सी को लेकर नहीं होगी लड़ाई, योगी सरकार ने जारी किया यह प्रोटोकॉल

यूपी में सरकारी कार्यक्रमों व बैठकों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बैठने के लिए स्थान निर्धारित कर दिया गया है. साथ ही सरकारी कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित किए जाने और विज्ञापनों व शिलापट्टों पर उनका नाम अंकित किए जाने के संबंध में भी आदेश जारी कर दिया है.

यूपी में सरकारी कार्यक्रमों (Government Programs) के दौरान अब नेताओं (Public Representatives) और नौकरशाहों (Bureaucrats) के बीच बैठने के लिए कुर्सी को लेकर लड़ाई नहीं होगी. मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र (Chief Secretary Durga Shankar Mishra) ने प्रदेश मुख्यालय और जिला स्तर पर अयोजित होने वाली बैठकों व कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए स्थान निर्धारित कर दिया है. साथ ही सरकारी कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित किए जाने और विज्ञापनों व शिलापट्टों पर उनका नाम अंकित किए जाने के संबंध में भी प्रोटोकॉल से संबंधित शासनादेश जारी कर दिया है. शासनादेश के मुताबिक ऐसे कार्यक्रम जो प्रदेश या जिला मुख्यालय पर होंगे और जिनमें मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे उनमें सांसद व विधामंडल के सदस्य मंच के आगे और अधिकारी पीछे की लाइन में बैठेंगे. सरकार के स्तर पर आयोजित ऐसी बैठकों व कार्यक्रमों में अगर जनप्रतिनिधियों की संख्या अधिक होती है तो उन्हें दूसरी और तीसरी लाइन में भी बैठाया जा सकता है. केवल मुख्य सचिव या जिस विभाग के का कार्यक्रम है, उसके अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव या सचिव मंच के आगे वाले लाइन में बैठ सकते हैं. यह शासनादेश 14 सितंबर, 2023 को विधानसभा अध्यक्ष, विधानपरिषद के सभापति और संसदीय कार्य मंत्री की बैठक में जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल के संबंध में हुए निर्णयों के क्रम में हैं.

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यह रहेगी व्यवस्था

  • शासनादेश के अनुसार किसी भी जिले की बैठक या कार्यक्रम में विधानपरिषद के वही सदस्य आमंत्रित किए जाएंगे, जिनका नाम संबंधित जिले के लिए आवंटित हो.

  • किसी अन्य जिले में अपनी क्षेत्र विकास निधि से करवाया गया ऐसा काम जो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हो, तब उसके कार्यक्रम में संबंधित विधानपरिषद सदस्य को भी आमंत्रित किया जाएगा और उनका नाम शिलापट्ट व विज्ञापन में भी दिया जाएगा.

  • प्रदेश मुख्यालय, जिला स्तर पर होने वाली बैठकों में सांसद के दाहिनी तरफ जनप्रतिनिधि और बाईं ओर अधिकारी बैठेंगे.

  • मुख्यमंत्री के प्रदेश मुख्यालय या जिला स्तरीय कार्यक्रमों में केवल उपस्थित होने की सहमति देने वाले उस जिले के सांसद, विधायक, एमएलए, एमएलसी के नाम ही शिलापट्ट या विज्ञापन में लिखे जाएंगे.

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गोरखपुर शहर के 10 चौराहों पर जीडीए लगाएगा स्प्रिंग पोस्ट

बता दें कि गोरखपुर यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (Gorakhpur Development Authority- GDA) 10 चौराहों पर स्प्रिंग पोस्ट लगाएगा. इनमें से पांच चौराहों के लिए टेंडर भी निकाल दिया गया है. एसपी यातायात श्याम देव बिंद (SP Traffic Shyam Dev Bind) की ओर से जीडीए उपाध्यक्ष (GDA Vice President) को पत्र लिखकर 20 चौराहों पर स्प्रिंग पोस्ट लगाने के लिए सहयोग की अपील की थी. जीडीए की ओर से छात्रसंघ चौराहा पर 200, आंबेडकर चौराहा पर 250, यातायात तिराहा पर 200, देवरिया बाईपास तिराहा पर 200, पादरी बाजार चौराहा पर 200, रुस्तमपुर चौराहा पर 150, अग्रसेन तिराहा पर 200, विजय चौराहा पर 100, कौवाबाग में 250 व खजांची में 200 स्प्रिंग पोस्ट लगाए जाने हैं. जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि अंबेडकर चौराहा, यातायात तिराहा, अग्रसेन तिराहा, विजय चौराहा व कौवाबाग में स्प्रिंग पोस्ट लगाने के लिए टेंडर कर दिया गया है. इसपर नौ लाख 32 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे. जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि सुगम यातायात के लिए जल्द ही स्प्रिंग पोस्ट लगाए जाएंगे। शेष पांच चौराहों के लिए भी जल्द ही टेंडर किया जाएगा.

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Author: Sandeep kumar

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