यूपी में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में योगी सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियां भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को विधानसभा के वर्तमान मानसून सत्र के दौरान कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने 'भाषा' से कहा, ''हमारी पार्टी राज्य में खराब कानून व्यवस्था का मुददा उठाएगी.'' उन्होंने कहा, ''महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या, बाढ की समस्या, यूरिया का मुद्दा, पत्रकारों का उत्पीड़न जैसे मुद्दे पार्टी की ओर से उठाये जाएंगे.''

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियां भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को विधानसभा के वर्तमान मानसून सत्र के दौरान कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ‘भाषा’ से कहा, ”हमारी पार्टी राज्य में खराब कानून व्यवस्था का मुददा उठाएगी.” उन्होंने कहा, ”महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या, बाढ की समस्या, यूरिया का मुद्दा, पत्रकारों का उत्पीड़न जैसे मुद्दे पार्टी की ओर से उठाये जाएंगे.”

लल्लू कुशीनगर जिले में तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हैं. मोहनलालगंज (लखनऊ) से सपा विधायक अंबरीष पुष्कर ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है. चाहे कानून व्यवस्था का मसला हो या फिर कोरोना संकट. ऐसी आशंका भी है कि खुद भाजपा के ही विधायक कई मुद्दों पर सरकार पर निशाना साध सकते हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को सदन की बैठक शुरू होने से पूर्व मुख्य विपक्षी दल सपा ने विधानभवन में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति और कोरोना वायरस महामारी से सरकार के निपटने के तौर तरीके को लेकर प्रदर्शन किया. सपा के विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया. उनके हाथ में सरकार विरोधी बैनर थे. विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज है. हत्या, लूट, बलात्कार और अपहरण हर रोज हो रहे हैं. ऐसा लगता है कि अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं रह गया है.

बसपा के एक विधायक ने नाम सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा कि पार्टी आजमगढ़ की हाल की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाएगी. विपक्षी दलों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के तौर तरीकों को लेकर भी सरकार को घेरने का इरादा किया है. आजमगढ़ के बांसगांव में 14 अगस्त को ग्राम प्रधान सत्यमेव की हत्या के बाद भीड़ ने हिंसा की और एक बच्चे के वाहन से कुचल जाने पर हालात और बिगड़ गये.

उग्र भीड़ ने कई वाहनों और एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी. लखीमपुर खीरी में 13 साल की एक किशोरी के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी. भदोही में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की दो दिन से लापता थी. उसका शव बाद में बरामद किया गया. पुलिस ने बलात्कार के बाद हत्या की आशंका व्यक्त की है. इन सब वारदात के बीच प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को अपराध के आंकड़े जारी किये, जिनके मुताबिक 2020 में एक जनवरी से 31 जुलाई के बीच बलात्कार की 1216 घटनाएं हुईं, जो 2019 की समान अवधि में 1692 थीं.

आंकड़ों के मुताबिक, 2020 की समीक्षाधीन अवधि में डकैती की 38 वारदात हुईं जो 2019 की समान अवधि में 68 थीं. जहां तक हत्याओं का सवाल है, 2020 की समीक्षाधीन अवधि में 2032 वारदात हत्याओं की हुई, जो 2019 की समान अवधि में 2204 थी. आंकड़ों में बताया गया कि 2020 की समीक्षाधीन अवधि में लूट की 792 वारदात हुईं, जो 2019 में 1379 थीं. इसी तरह फिरौती के लिए अपहरण की 15 वारदात 2020 की समीक्षाधीन अवधि में हुईं, जबकि 2019 की समान अवधि में यह आंकड़ा 23 था.

Upload By Samir Kumar

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >