शीरोज की हीरो: एसिड अटैक सर्वाइवर रूपाली का संघर्ष, पिता ने ठुकराया, मां आज भी करती हैं कॉल

जब रूपाली के चेहरे पर तेजाब पड़ा तो सिर्फ मां ने साथ दिया. पिता ने पहचानने से इंकार कर दिया. आज रूपाली अपने पैरों पर खड़ी हैं. अपने संघर्ष से जिंदगी संवार रही हैं.

Lucknow Sherose Cafe: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ‘शीरोज कैफे’ में काम करनी वाली लड़कियों की संघर्ष की कहानियां आपने भी सुनी और पढ़ी होगी. ऐसी ही एक एसिड अटैक सर्वाइवर का नाम रूपाली है. रूपाली के चेहरे पर एसिड अटैक से पड़े दाग समय से कम हो गए हैं. लेकिन, दिल पर उकरे जख्म हर गुजरते दिन के साथ ताजा हो रहे हैं. जब रूपाली के चेहरे पर तेजाब पड़ा तो सिर्फ मां ने साथ दिया. पिता ने पहचानने से इंकार कर दिया. आज रूपाली अपने पैरों पर खड़ी हैं. अपने संघर्ष से जिंदगी संवार रही हैं. यहां देखिए रूपाली की संघर्ष की कहानी.

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