हापुड़ में लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, पुलिस-प्रमुख सचिव गृह का पुतला फूंका

हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में यूपी के सभी जिलों में मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा. स्टेट बार काउंसिल ने रविवार को बुलाई गई एक आपात बैठक में पूरे उत्तर प्रदेश के वकीलों से छह सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का आह्वान किया था.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में यूपी के अधिवक्ता मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे. राज्य भर में वकीलों ने अदालत परिसर में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और प्रमुख सचिव (गृह) के पुतला जलाए.”. लखनऊ बार एसोसिएशन के महासचिव कुलदीप नारायण मिश्रा ने बताया कि “हम अपना विरोध जारी रख रहे हैं.

जिला कचहरी में हुआ प्रदर्शन

उधर प्रयागराज से मिली खबर के अनुसार हापुड़ में अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में राज्य विधिक परिषद के आह्वान पर मंगलवार को जिला कचहरी में अधिवक्ताओं ने हड़ताल जारी रखते हुए धरना दिया और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका. जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य राजीव सिंह ने बताया कि गिरीश तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कचहरी परिसर में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया.

हाईकोर्ट के वकील भी हड़ताल पर

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हापुड़ घटना के विरोध में मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध के बावजूद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी न्यायिक कार्य से दूर रहने का फैसला किया है. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एक बयान के मुताबिक, सोमवार रात वकीलों के संगठन की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें हापुड़ में वकीलों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता मंगलवार को भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार रहेंगे.

Also Read: Ghosi By Election 2023: घोसी विधानसभा उपचुनाव मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 49.2 प्रतिशत वोट पड़े
पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी

रामपुर में अधिवक्ताओं ने हापुड़ घटना के विरोध में हापुड़ के पुलिस अधीक्षक का पुतला जलाया. रामपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम लाल ने अधिवक्ताओं को साथ लेकर हापुड़ पुलिस और वहां के पुलिस अधीक्षक (एसपी) का विरोध करते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साथ ही हापुड़ एसपी का पुतला भी जलाया. जालौन जिला बार संघ के अध्यक्ष गिरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया विधिक परिषद के आवाहन पर आज मंगलवार को जिले के अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य गेट पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पुतला दहन करके जमकर नारेबाजी की.

बलिया से लेकर कन्नौज तक प्रदर्शन

बलिया में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव (गृह) का पुतला दहन किया और सरकार विरोधी नारे बुलंद किए. कन्नौज में हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को कचहरी परिसर में वकीलों ने अपना आंदोलन जारी रखा और कन्नौज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार सारस्वत के नेतृत्व में प्रदेश के प्रमुख सचिव एवं पुलिस महानिदेशक का पुतला फूंका.

कौशांबी में जनपद न्यायालय गेट पर प्रदर्शन

भदोही जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला न्यायालय परिसर में प्रदेश के पुलिस प्रमुख और प्रमुख सचिव के पुतले फूंके गये. मॉडल जिला बार एसोसिएशन कौशांबी के अध्यक्ष राकेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय गेट के बाहर पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी की. मुजफ्फरनगर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल जिंदल ने बताया कि वकीलों ने हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न करने के विरोध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मुख्य सचिव के पुतले फूंके. वकील आज दूसरे दिन भी अदालत में अनुपस्थित रहे.

हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने काम पर लौटने की अपील की

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की पीठ ने वकीलों से काम पर लौटने का अनुरोध करते हुए कहा था कि अदालतें मंगलवार से अपना काम शुरू कर देंगी. अपर महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वकीलों की मांग को देखते हुए सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हरि नाथ पांडे को हापुड़ घटना की जांच करने वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. अदालत ने संबंधित अधिकारियों से यह भी कहा कि वे किसी भी वकील के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें, चाहे वह घटना में नामजद हो या नहीं.

स्टेट बार काउंसिल ने किया 6 सितंबर तक आंदोलन का आह्वान

संबंधित अधिकारियों के तबादले की वकीलों की मांग पर अदालत ने कहा कि वह इस स्तर पर इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं कर सकती, क्योंकि एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. स्टेट बार काउंसिल ने रविवार को बुलाई गई एक आपात बैठक में पूरे उत्तर प्रदेश के वकीलों से छह सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का आह्वान किया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >