दिवाली और छठ के चलते पांच गुना महंगा हुआ फ्लाइट का किराया, ट्रेनों में नो रूम जैसे हालात, बस ही बना विकल्प

दिवाली 12 नवंबर को मनाया जाएगा. ऐसे में दिल्ली व मुंबई से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीटें नहीं मिल रही हैं. एसी कोच में यात्रा करने वाले विमानों का रुख कर रहे हैं.

दिवाली और छठ का त्योहार नदजीक आते ही फ्लाइट के किराये ने उड़ान भर दी है. दिल्ली व मुंबई से लखनऊ आने वालों को पर चार से पांच गुना तक अधिक खर्च करना पड़ रहा है. यह स्थिति डायरेक्ट फ्लाइटों की है. कनेक्टिंग फ्लाइटों का किराया तो इससे भी ज्यादा महंगा है. दिवाली 12 नवंबर को मनाया जाएगा. ऐसे में दिल्ली व मुंबई से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीटें नहीं मिल रही हैं. एसी कोच में यात्रा करने वाले फ्लाइट का रुख कर रहे हैं. लेकिन, आसमान छूते किराये से उनके पसीने छूट रहे हैं. दस नवंबर को इंडिगो की सुबह 5:45 बजे लखनऊ के लिए रवाना होने वाली डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 12,219 रुपये पहुंच गया है. इंडिगो की ही सुबह 7.55 बजे, शाम 4.30 बजे व शाम 5.30 बजे उड़ान भरने वाले डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 14,740 रुपये है. अन्य उड़ानों की भी कमोबेश यही स्थिति है. वहीं 11 नवंबर को रात 11:45 बजे दिल्ली से लखनऊ आने वाली इंडिगो की फ्लाइट का किराया 20,462 रुपये पहुंच गया है.

कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया हुआ 25 हजार के पार

मुंबई से सुबह 5:15 बजे व सुबह 11.20 बजे लखनऊ आने वाली इंडिगो की डायरेक्ट फ्लाइटों का किराया 21,512 रुपये पहुंच गया है. कनेक्टिंग फ्लाइटों का किराया 15,761 रुपये से लेकर 25,302 रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि 11 नवंबर को डायरेक्ट फ्लाइटों का किराया 20,462 रुपये है. अगर महंगे किराये की बात की जाए तो दिल्ली से लखनऊ आने वाली उड़ानें पांच गुना तक और मुंबई से आने वाली डायरेक्ट फ्लाइटें चार गुना तक महंगी हो गई हैं. आम दिनों में दिल्ली का टिकट चार हजार तो मुंबई का पांच हजार रुपये तक मिल जाता है. लेकिन, इन दिनों इसकी उम्मीद करना भी बेमानी है.

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त्योहार पर ट्रेनों में सीटों की मारामारी

दिवाली मनाने के लिए दिल्ली व मुंबई से लखनऊ आने वालों के लिए ट्रेनों की चेयरकार से लेकर एसी कोच तक फुल हैं. लंबी वेटिंग से यात्रियों के चेहरे पर मायूसी है. तत्काल कोटे की आस में सुस्त सर्वर अड़ंगे लगा रहा है. दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की वेटिंग 400 व मुंबई की 372 पार पहुंच चुकी है. दिवाली का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाना है. दिल्ली व मुंबई से हजारों की तादाद में यात्री लखनऊ आते हैं. ऐसे में इन जगहों से लखनऊ आने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं मुंबई से लखनऊ आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस की स्लीपर में 10 व 11 नवंबर को वेटिंग क्रमश: 359, 372, थर्ड एसी में 231 व 227 पहुंच गई है. पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस के स्लीपर में तो इन तारीखों में सीट ही नहीं है. एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस की स्लीपर में 10 व 11 को क्रमश: 145, 133 व थर्ड एसी में 50, रिग्रेट चल रहा है. कुशीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर में 144, रिग्रेट, थर्ड एसी में 96, 98 वेटिंग है. अवध एक्सप्रेस व बांद्रा टर्मिनस गोरखपुर एक्सप्रेस में भी वेटिंग चल रही है. वहीं एलटीटी सीवान स्पेशल ट्रेन की थर्ड एसी इकॉनमी क्लास में भी सीटें खाली नहीं हैं.

अभी बसों में है टिकट मिलने की गुंजाइश

दूसरी ओर दिल्ली से 10 व 11 नवंबर को लखनऊ आने वाली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में 154 व 90 तथा शताब्दी एक्सप्रेस में 252 व 338 वेटिंग पहुंच गई है. जबकि डबलडेकर एक्सप्रेस की चेयरकार में दस को 159 वेटिंग है, 12 को 797 सीटें खाली हैं. ऐसे ही एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 10 नवंबर को कोई सीट खाली नहीं है जबकि 11 को 97 वेटिंग है. लखनऊ मेल की स्लीपर में 363, 400 व थर्ड एसी में रिग्रेट व 78 वेटिंग है.

धोखेबाज सर्वर ने फिर रुलाया

तत्काल कोटे में ढाई हजार से अधिक सीटें हैं. ऐसे में रेगुलर ट्रेनों में वेटिंग की मार झेल रहे यात्रियों के लिए तत्काल कोटे की आस है. लेकिन, सुस्त सर्वर के चलते उन्हें कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहे हैं. शुक्रवार को तत्काल कोटे के तहत पुणे, मुंबई, सिकंदराबाद, पटना, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू की ट्रेनों की सीटें यात्रियों को नहीं मिल पाईं. स्लीपर व एसी में क्रमशः 278 व 153 सीटें थीं, पर यात्रियों को वेटिंग सीटें ही हाथ लगीं. ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने दिल्ली के लिए 130 अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है. ये बसें आनंदविहार से कैसरबाग, आलमबाग आदि बस अड्डों तक आएंगी. इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी.

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Author: Sandeep kumar

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