काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर शुल्क की अफवाह फैलाने वालों पर केस दर्ज, जानें पूरा मामला

काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर शुल्क की अफवाह फैलाने वालों पर केस दर्ज किया गयाा है. पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह केस मंदिर प्रशासन के पीआरओ अरविंद शुक्ला की तहरीर पर दर्ज हुआ है.

वाराणसी. बीते सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में स्पर्श दर्शन के लिए शुल्क लिये जाने की खबर वायरल हुई थी. इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने स्पर्श दर्शन शुल्क  की अफवाह के खिलाफ संबंधित चौक थाने में लिखित शिकायत कर दी है. जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह केस मंदिर प्रशासन के पीआरओ अरविंद शुक्ला की तहरीर पर दर्ज हुआ है. बता दें कि, काशी विश्वनाथ धाम में स्पर्श दर्शन को लेकर अफवाह फैलाने और सोशल मीडिया पर झूठी सूचना वायरल करने का केस दर्ज होने के बाद कई लोग शक के दायरे में हैं.

जांच में जुटी पुलिस

इस मामले में चौक पुलिस ने अजय शर्मा, आशीषधर, रति हेगड़े, विक्रम, भवतेश शर्मा, अरती अग्रवाल, हेमा और दो अन्य समेत अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. तहरीर के अनुसार साजिश के तहत 2 मार्च को अजय शर्मा के नाम से दान के रूप में दिये गये. 500 रुपये की रसीद को आधार बनाकर स्पर्श दर्शन के लिए शुल्क लिये जाने की अफवाह फैलाई गई. मंदिर, प्रशासन, ट्रस्टीगण, जनप्रतिनिधियों और शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया.

फवाह फैलाने की धाराओं में केस दर्ज

चौक इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपितों पर धारा 153 ए – सद्भाव बिगाड़ने, 295-धर्म का अपमान करने, 506-धमकी, 120 बी-साजिश रचने, आईटी एक्ट-सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अफवाह फैलाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. बता दें कि 2 मार्च को अजय शर्मा के नाम से रसीद जारी हुई थी, जिसपर शुल्क का उद्देश्य दान लिखा हुआ है. हालांकि दानदाता के नाम के आगे ‘अजय शर्मा स्पर्श दर्शन’ लिखा है. आशंका है कि नाम के साथ स्पर्श दर्शन जोड़कर इसे शुल्क के रूप में दर्शाया गया. इसी से सोशल मीडिया पर 500 रुपये शुल्क लिये जाने की छूठी सूचना वायरल की गई.

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आरोपियों पर धमकी देने का आरोप

अजय शर्मा काशी करवत के पास स्थित एक मंदिर के महंत का दामाद बताया जा रहा है. आरोप है कि इस प्रकरण में मंदिर प्रशासन के लोगों को आरोपितों की ओर से धमकी भी दी गई थी. वहीं दूसरी ओर शुल्क संबंधी सूचना वायरल होने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने इसका खंडन कर स्पष्ट किया था कि किसी तरह का शुल्क निर्धारण नहीं हुआ है. पिछली बैठक में शुल्क लगाने पर विभिन्न ट्रस्ट की ओर से विचार प्रकट किया गया था. उसी समय प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था.

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