लखनऊ/ नयी दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी और समृद्धि की नयी परिभाषा गढ़कर सभी वर्गों का दिल जीतने का वादा करते हुए कहा है कि उनके केसरिया कपड़ों के कारण उनके बारे में भ्रांतियां फैलाई गयी हैं. उन्होंने कहा कि जो धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारत की परंपरा का अपमान कर रहे थे वे उनके पद संभालने के बाद डरा हुआ महसूस कर रहे हैं. आदित्यनाथ ने आरएसएस से जुड़े साप्ताहिक आर्गनाइजर को दिये साक्षात्कार में कहा कि जो धर्मनिरपेक्षता और तुष्टिकरण के नाम पर भारत की परंपरा और संस्कृति का अपमान कर रहे थे वे उनके पद संभालने के बाद डरा हुआ महसूस कर रहे हैं.
हिन्दुत्ववादी माने जाने वाले 44 वर्षीय आदित्यनाथ ने कहा, ‘हम अपनी कार्यशैली के साथ सभी वर्गों के लोगों के दिल जीतेंगे. हम खुशी और समृद्धि की नयी भाषा गढ़ेंगे.’ उन्होंने कहा कि उनके लिए सत्ता मनोरंजन नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम सत्ता और प्रतिष्ठित पद संभालने के लिए राजनीति में नहीं हैं.’ आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा उनकी सरकार का मुख्य धर्म होगा. उन्होंने कहा, ‘यह मानवता का मुख्य बिन्दु है. उत्तर प्रदेश में हम भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देंगे और समाज को गुंडा राज से मुक्त कराएंगे.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों को बाहर जाने से रोकने के लिए एक नयी औद्योगिक नीति अपनाई जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी औद्योगिक इकाई में 90 प्रतिशत श्रमिक उत्तर प्रदेश के ही होंगे. गन्ना किसानों का 14 दिन में बकाये को मंजूरी देने का वादा करते हुए आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अगले छह महीनों में राज्य में पांच – छह नयी चीनी मिलें खोली जाएंगी.
