पोस्टर में मायावती का ‘काली'' वाला रूप, RSS-BJP के तीन दिग्गज को दिखाया लाचार

हाथरस : संसद में रोहित वेमुला को लेकर बीएसपी सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी तकरार देखी गई थी इसके बाद ये दोनों नेता एक बार फिर एक साथ चर्चे में हैं. इस बार दोनों एक पोस्टर के कारण चर्चे में है. इस पोस्टर में बसपा प्रमुख मायावती को मां काली के […]

हाथरस : संसद में रोहित वेमुला को लेकर बीएसपी सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी तकरार देखी गई थी इसके बाद ये दोनों नेता एक बार फिर एक साथ चर्चे में हैं. इस बार दोनों एक पोस्टर के कारण चर्चे में है. इस पोस्टर में बसपा प्रमुख मायावती को मां काली के रुप में दिखाया गया है और उनके हाथों में स्मृति ईरानी का सिर है इतना ही नहीं संघ प्रमुख को उनके चरणों में पड़ा दिखाया गया है. इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र है जो हाथ जोड़े खडे हैं. इस पोस्टर में लिखा है बहिन जी हमें माफ कर दो हम आरक्षण बंद नहीं करेंगे.

इस प्रकार के पोस्टर हाथरस में अंबेडकर जयंती के दौरान देखी गई. इस पोस्टर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस पोस्टर की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तुरंत झांकी को रुकवा कर उस पोस्टर को उतरवा लिया. आपको बता दें कि 24 फरवरी को राज्यसभा में रोहित वेमुला पर बहस के दौरान स्मृति ने मायावती के लगातार हंगामा करने के बाद कहा था कि मुझे जवाब देने दें, अगर आपके कार्यकर्ता और नेता मेरे जवाब से असंतुष्ट हुए तो मैं आपको चरणों में सिर कलम कर रख दूंगी.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ता की ओर से इसी प्रकार का पोस्टर लगाया गया था जिसके बाद राजनीतिक भूचाल आ गया था और भाजपा नेताओं को सामने आना पड़ा था. वाराणसी के पोस्टर में यूपी को द्रौपदी की तरह दिखाया गया था जिसका चीरहरण करते विपक्ष के नेताओं को दिखाया गया था.

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