लखनऊ: मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस पर कथित रुप से भूमि कब्जा करने के अपने आरोप पर पार्टी की तरफ से मिली कानूनी नोटिस पर आज कहा कि यह उनका भाग्य है कि उन्हें गांधी परिवार ने कानूनी नोटिस दी, मगर वह उससे डरने वाली नहीं हैं.
अमेठी में राजीव गांधी ट्रस्ट द्वारा कथित रुप से किसानों की जमीन कब्जा संबंधी अपने आरोप पर कांग्रेस की तरफ से मिली नोटिस का जिक्र करते हुए ईरानी ने कहा, ‘‘मैं इसे अपना भाग्य मानती हूं कि आजाद भारत के इतिहास में पहला अवसर है कि गांधी परिवार ने किसी को कानूनी नोटिस दी है.’ ईरानी आज यहां हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर लिमिटेड की तरफ से आयोजित शिखर समागम में बोल रही थीं.
उन्होंने कहा, ‘‘नोटिस रात को नौ बजे मेरे घर पर दी गयी. उन्हें शायद यह जानकारी थी कि मैं अगले दिन अमेठी जाने वाली हूं. हो सकता है कि कुछ लोगों को लगा हो कि नोटिस मिलने पर मैं चुप हो जाउंगी मगर उन्होंने मुझे गलत आंका.’ ईरानी ने कहा कि इसके बावजूद अगले दिन मैं गांधी परिवार के खिलाफ फिर बोली.
उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र देश में आप किसी को सवाल पूछने से नहीं रोक सकते, बशर्ते सवाल मर्यादा के भीतर हो. मुझे पता चला कि किसी न्यूज चैनल पर कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे स्मृति ईरानी को संदेश दे रहे हैं, शायद उन्हें लगा कि महिला होने के कारण मैं डर जाउंगी.’ उन्होंने कहा कि शायद कुछ लोग भारतीय महिला को गलत आंकते हैं. ‘मैं उनमेें से नहीं हूं, जिन्हें डराया अथवा धमकाया जा सके.’
