इंसानियत: पुलिसकर्मी को मार डालती ''भीड़'' यदि देवदूत बन नहीं पहुंचते ''हाजी कादिर''

लखनऊ: ऐसे वक्त में जब देश में धार्मिक और जातीय आधारों पर लोग हिंसा और आगजनी पर उतर आए हैं, वहां एक मुस्लिम हाजी कादिर ने हिन्दू पुलिसकर्मी अजय कुमार को भीड़ के हाथों हिंसा का शिकार होने से बचाकर इंसानियत की मिसाल कायम की है. मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का है जहां नागरिकता […]

लखनऊ: ऐसे वक्त में जब देश में धार्मिक और जातीय आधारों पर लोग हिंसा और आगजनी पर उतर आए हैं, वहां एक मुस्लिम हाजी कादिर ने हिन्दू पुलिसकर्मी अजय कुमार को भीड़ के हाथों हिंसा का शिकार होने से बचाकर इंसानियत की मिसाल कायम की है.

मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का है जहां नागरिकता संसोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा को नियंत्रित करने गए पुलिसकर्मी, अजय कुमार को भीड़ ने घेर लिया और पिटाई करने लगे. घटना बीते 20 दिसंबर की बताई जा रही है.

‘वो शख्स मेरी जिंदगी में देवदूत की तरह आया’

घटना के संबंध में मीडिया से बातचीत में अजय कुमार ने बताया कि ‘भीड़ ने मुझे घेर लिया और मेरी पिटाई शुरू कर दी. तभी हाजी साहब वहां आए और मुझे भीड़ के हाथों मारे जाने से बचाया. हाजी साहब मुझे अपने घर ले गए. उन्होंने मुझे पानी और अपने कपड़े दिए और आश्वासन दिया कि मैं सुरक्षित रहूंगा. बाद में मुझे पुलिस स्टेशन पहुंचाया’. अजय कहते हैं कि ‘वो शख्स मेरी जिंदगी में देवदूत की तरह आए. अगर वो नहीं होते तो मुझे मार दिया जाता’.

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1210333736182546432?ref_src=twsrc%5Etfw

‘जो भी किया मैंने वो मानवता के नाते किया’

वहीं पुलिसकर्मी अजय कुमार को भीड़ के हाथों हिंसा का शिकार होने से बचाने वाले हाजी कादिर ने कहा कि ‘मैं नमाज पढ़ ररहा था, उसी समय मुझे जानकारी मिली कि एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने घेर लिया है. वो गंभीर रूप से घायल हो गया था. मैंने उसे आश्वासन दिाय कि मैं उसे बचा लूंगा. मुझे उस वक्त उसका नाम नहीं पता था. मैंने जो भी किया वो मानवता के नाते किया’.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >