अखिलेश बोले, राष्ट्रहित में भाजपा को रोकना जरूरी

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए आज कहा कि राष्ट्रहित में इस दल को रोकना जरूरी है. अखिलेश ने यहां पार्टी राज्य मुख्यालय में सपा नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक में आरोप लगाया कि भाजपा समाज में कांटे बोती जा रही है और वह […]

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए आज कहा कि राष्ट्रहित में इस दल को रोकना जरूरी है. अखिलेश ने यहां पार्टी राज्य मुख्यालय में सपा नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक में आरोप लगाया कि भाजपा समाज में कांटे बोती जा रही है और वह लोकतंत्र के लिये खतरा है. यह पार्टी समाज के भाईचारे को तोड़ने और विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने के साथ-साथ सांप्रदायिकता की आड़ में वोटों का ध्रुवीकरण करने की साजिश करती है. उन्होंने कहा कि किसानों, नौजवानों और अल्पसंख्यकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही भाजपा को राष्ट्रहित में रोकना जरूरी है. इस काम में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी क्योंकि यहीं से भारत की राजनीतिक दिशा तय होगी.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा से होशियार रहने और अपनी भाषा तथा व्यवहार में संयम बरतने की हिदायत दी और कहा कि अगर हम सब एकजुट रहेंगे तो आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हरा सकते है. सपा-बसपा के करीब आने को लेकर भाजपा नेताओं के तल्ख बयानों का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि इसे लेकर भाजपा में बौखलाहट है और वह हमारी तुलना जानवरों से करने लगी है. यह राजनीति में नैतिक मूल्यों की गिरावट का उदाहरण है.

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के राज में किसान आत्महत्या कर रहे है. छोटे-छोटे उद्योग धंधे बंद हो गये हैं. जीएसटी ने व्यापार चौपट कर दिया हैं. अर्थव्यवस्था का हाल बुरा है. दस्तकारी को खतरा है. आर्थिक व्यवस्था का कारपोरेट विकल्प नहीं हो सकता है. बेरोजगार नौजवान दर-दर भटकने को मजबूर है.

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