मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में लाचार सिस्टम की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आयी है. स्थिति यह है कि आस-पास के लोग भी तस्वीर उतारने में मशगूल रहे, लेकिन किसी ने महिला की मदद नहीं की. यह तस्वीर मथुरा की है, जहां अपने ट्रक ड्राइवर पति को एक महिला ने पीठ पर लादकर सरकारी कार्यालय लाने का काम किया. तस्वीर सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं और सिस्टम के लाचार होने की बात सामने आ रही है, लेकिन महिला की मदद किसी ने नहीं कि इसकी आलोचना भी हो रही है.
उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाएं राम भरोसे हैं.जीहां, इसका उदाहरण मंगलवार को मथुरा जिले में देखने को मिला. जहां एक महिला अपने विकलांग पति का विकलांगता सर्टिफिकेट बनवाने के लिए उसे पीठ पर लादकर कलेक्ट्रेट ऑफिस घुमती रही. किसी ने भी उसकी मदद करने की जहमत तक नहीं उठाई. वहीं इस बारे में जब महिला बबिता से पूछा गया तो उसने बताया कि उसके पति के पास व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल नहीं है. इसकी वजह से उसे पति को पीठ पर लेकर सीएमओ ऑफिस आना पड़ा और किसी ने भी उसकी मदद नहीं की है. महिला का कहना है कि पति की विकलांगता का सर्टिफिकेट लेने के उसने कई दफ्तरों के चक्कर काटे लेने उन्हें अभी तक सर्टिफिकेट नहीं मिला था.
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महिला ने बताया कि वह नौहझील थाना क्षेत्र मानागढ़ी के रहने वाले हैं. तीन साल पहले पति बदनसिंह का मोटरसाइकिल से मथुरा आने के दौरान सड़क हादसे में एक पैर कट गया था. महिला का कहना था कि उसके पति के पास व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल नहीं है इसी वजह से उसे उसके पति को कंधों पर उठाकर सीएमओ ऑफिस लाना पड़ा. सीएमओ ने दिव्यांग शख्स को विकलांगता सर्टिफिकेट दे दिया है. दरअसल आज सुबह ही ये महिला अपने पति को कंधों पर बैठाकर चीफ मेडिकल ऑफिसर के ऑफिस पहुंची थी. महिला सीएमओ ऑफिस अपने दिव्यांग पति को विकलांगता सर्टिफिकेट दिलाने के लिए पहुंची थी.
मामला सामने आने के बाद यूपी के मंत्री भूपेंद चौधरी ने इस घटना की निंदा की और दुखद जताया था. और मामले की जांच का आश्वासन दिया था. जिसके बाद महिला के पति के अब विकलांगता सर्टिफिकेट दे दिया गया है.
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