UP News: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को मौन पदयात्रा का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस पदयात्रा में शामिल हुए. जनरल पोस्ट ऑफिस स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल से शुरू हुई यह पदयात्रा लोक भवन तक पहुंची. इस दौरान विभाजन की त्रासदी को याद किया गया और उससे जुड़े परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया.
सरदार पटेल की प्रतिमा स्थल से शुरू हुई पदयात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल पोस्ट ऑफिस स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल से मौन पदयात्रा में हिस्सा लिया. पदयात्रा के दौरान विभाजन के दौरान झेली गई पीड़ा और विस्थापन को याद किया गया. बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
विभाजन त्रासदी पर लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. प्रदर्शनी में उस दौर से जुड़ी घटनाओं और लोगों की पीड़ा को सामने रखा गया. सीएम योगी ने इस दौरान विभाजन की त्रासदी झेलने वाले विस्थापित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित भी किया.
इतिहास की त्रासदी से सीख लेने का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है. यह इतिहास के उस काले अध्याय से सीख लेने का भी दिन है, ताकि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को और मजबूत किया जा सके. उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासदियों से सीख लेकर समाज में आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करने की जरूरत है.
विभाजन में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि
विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात नागरिकों को मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की. मौन पदयात्रा के जरिए उन लोगों की पीड़ा को याद किया गया, जिन्हें विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और अपनों से बिछड़ने का दर्द झेलना पड़ा था.
एकता और सामाजिक समरसता का लिया संकल्प
कार्यक्रम का संदेश यही रहा कि इतिहास की त्रासदी को याद करते हुए वर्तमान और भविष्य में देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. लखनऊ में आयोजित इस मौन पदयात्रा के जरिए सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकजुटता का संकल्प भी दोहराया गया.
