UP News: लखनऊ में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है. शहर में वकीलों के करीब 200 चेंबरों पर नगर निगम की ओर से नोटिस चस्पा किए गए हैं. नोटिस के जरिए संबंधित लोगों को कथित अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए 29 अगस्त तक का समय दिया गया था. नगर निगम ने साफ चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा सकती है. अब डेडलाइन समाप्त होने के बाद संभावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है.
सड़क, फुटपाथ और नालियों पर निर्माण का आरोप
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में कई चेंबरों को कथित अतिक्रमण की श्रेणी में रखा गया है. आरोप है कि कुछ निर्माण सड़क, फुटपाथ और नालियों की जमीन पर किए गए हैं. इसके अलावा कुछ स्थानों पर सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण होने और दुकानों के संचालन की भी बात कही गई है. नगर निगम अब ऐसे निर्माणों को हटाने की तैयारी में है, जिन्हें नियमों के विरुद्ध या सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे के रूप में चिह्नित किया गया है.
करीब 200 चेंबरों पर नोटिस से अधिवक्ताओं में नाराजगी
करीब 200 वकीलों के चेंबरों पर नोटिस लगाए जाने के बाद अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी भी दिखाई दे रही है. वकीलों का कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए. वहीं नगर निगम का कहना है कि जिन स्थानों को कथित अतिक्रमण के दायरे में चिह्नित किया गया है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है. दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख के बीच मामला अब पूरी तरह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर केंद्रित हो गया है.
छुट्टी के दिन भी मौके पर पहुंचे वकील
संभावित कार्रवाई की आशंका के बीच बड़ी संख्या में वकील छुट्टी के दिन भी संबंधित स्थानों पर पहुंचे. चेंबरों पर नोटिस लगने और समय सीमा समाप्त होने के बाद अधिवक्ताओं के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि नगर निगम कभी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है. वकील अपने चेंबरों और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश में जुटे हैं. पूरे इलाके में नगर निगम की संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
बुलडोजर चलेगा या मिलेगी राहत
अब सभी की नजर नगर निगम और प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है. यदि नोटिस में बताए गए कथित अतिक्रमण तय समय सीमा के भीतर नहीं हटाए गए हैं तो सड़क, फुटपाथ, नाली और सरकारी जमीन पर बने निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. करीब 200 चेंबरों पर नोटिस लगने के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है. संभावित बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए प्रशासनिक हलचल तेज है और आगे की स्थिति नगर निगम के अगले कदम से साफ होगी.
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