UP की बेटी ने इस्तांबुल में रचा इतिहास, ईरान की खिलाड़ी को हराकर जीता गोल्ड, जानिए कौन हैं खुशी चौधरी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की बेटी खुशी चौधरी ने इस्तांबुल में आयोजित ग्लोबल ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में 64 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने फाइनल में ईरान की खिलाड़ी को हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.

Global Grappling Championship: शाहजहांपुर के ग्रामीण इलाके से निकलकर खुशी चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाई है. जैतीपुर क्षेत्र के नवादा मोड़ की रहने वाली खुशी ने इस्तांबुल में आयोजित ग्लोबल ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में 64 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. फाइनल मुकाबले में उन्होंने ईरान की खिलाड़ी को हराकर यह उपलब्धि हासिल की. खुशी की जीत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में जश्न का माहौल बन गया.

छह साल से सोनीपत में कर रहीं प्रशिक्षण

खुशी चौधरी पिछले करीब छह वर्षों से हरियाणा के सोनीपत स्थित चौधरी सूरज सिंह एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही हैं. वह कोच राजेश सरोहा के मार्गदर्शन में ग्रेपलिंग की तैयारी कर रही हैं. लंबे समय से चल रही उनकी मेहनत का नतीजा अब अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है.

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी जीते पदक

खुशी का खेल सफर कई उपलब्धियों से भरा रहा है. उन्होंने स्टेट अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग में स्वर्ण पदक जीते हैं. अंडर-23 में रजत और सीनियर स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया. अंडर-19 स्कूल स्टेट प्रतियोगिता में भी उन्होंने रजत पदक जीता. राष्ट्रीय स्तर पर अंडर-15 और सीनियर वर्ग में कांस्य पदक उनके नाम रहे हैं. जूनियर नेशनल ग्रेपलिंग रेसलिंग में स्वर्ण जीतने के बाद अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी अपनी क्षमता साबित की है.

परिवार में पहले से रहा है खेल का माहौल

खुशी के परिवार में खेलों से जुड़ाव पुराना है.उनके पिता रामफल चौधरी किसान हैं और गांव में सरपंच व प्रधान की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उनके बड़े भाई अमित चौधरी करीब दस वर्षों से शाहजहांपुर में क्रिकेट एकेडमी चला रहे हैं. परिवार के गोविंद चौधरी राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सिंग चैंपियन रह चुके हैं. वहीं कुश चौधरी और लव चौधरी कबड्डी से जुड़े रहे हैं.

ग्रामीण इलाके की बेटी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान

खुशी की सफलता से नवादा मोड़ और आसपास के गांवों में भी उत्साह है. ग्रामीणों ने परिवार को बधाई दी है. सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश से निकलकर खुशी ने लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं के जरिए यह मुकाम हासिल किया. उनकी उपलब्धि क्षेत्र के उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं. शाहजहांपुर से पवन तोमर की रिपोर्ट

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By अंजली कश्यप

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