श्रद्धालुओं का सफर बना मौत का पैगाम: केदारनाथ से उड़ते ही क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर, ज़िंदा जल गए 7 मुसाफिर

Kedarnath Helicopter Crash: उत्तराखंड के केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा आर्यन एविएशन का हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास क्रैश हो गया. हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 23 महीने की बच्ची भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं की जांच और नई एसओपी के निर्देश दिए हैं.

Kedarnath Helicopter Crash: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब केदारनाथ से लौट रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. आर्यन एविएशन का बेल-407 VT-BKA हेलिकॉप्टर सुबह 5:19 बजे केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए रवाना हुआ था, लेकिन कुछ ही मिनट बाद वह गौरीकुंड के पास जंगलों में क्रैश हो गया. हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक दंपती और उनकी 23 महीने की मासूम बच्ची भी शामिल है.

यह हादसा केदारनाथ यात्रा के रूट पर हुआ है, जहां हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. घटना के बाद उत्तराखंड प्रशासन, SDRF, आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया. हादसे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से चारधाम यात्रा के हेली सेवाओं को रोक दिया गया है.

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, श्रद्धालु समुदाय में शोक की लहर

हादसे में जान गंवाने वालों में महाराष्ट्र के वाणी नंदेपेरा रोड से आए राजकुमार सुरेश जायसवाल (41), उनकी पत्नी शारदा जायसवाल (35) और 23 महीने की बच्ची काशी शामिल हैं. तीनों के शव पूरी तरह जल चुके थे, जिससे उनकी पहचान भी कठिनाई से हो सकी. यह परिवार केदारनाथ दर्शन कर लौट रहा था और श्रद्धालु समुदाय में इस दर्दनाक घटना से गहरा दुख है.

बीकेटीसी कर्मचारी समेत स्थानीय लोग भी थे सवार

हेलिकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे. मरने वालों में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के कर्मचारी विक्रम सिंह रावत (46), निवासी ग्राम रांसी, तहसील ऊखीमठ, जिला रुद्रप्रयाग भी शामिल हैं. इसके अलावा बिजनौर, उत्तर प्रदेश की विनोद देवी (66) और तुष्टी सिंह (19) भी इस हादसे का शिकार हो गईं. हेलिकॉप्टर उड़ा रहे पायलट कैप्टन राजीव, निवासी राजस्थान, की भी मौके पर ही मौत हो गई.

हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों की सूची

1. विक्रम सिंह रावत (46) – ग्राम रांसी, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग (BKTC कर्मचारी)

2. विनोद देवी (66) – सिविल लाइन 2, बिजनौर, उत्तर प्रदेश

3. तुष्टी सिंह (19) – सिविल लाइन 2, बिजनौर, उत्तर प्रदेश

4. राजकुमार सुरेश जायसवाल (41) – वाणी, महाराष्ट्र

5. शारदा जायसवाल (35) – वाणी, महाराष्ट्र

6. काशी (23 माह) – वाणी, महाराष्ट्र

7. कैप्टन राजीव – पायलट, निवासी राजस्थान

दुर्घटना की वजह बनी खराब मौसम, ग्रामीण महिलाओं ने दी सूचना

हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की मुख्य वजह खराब मौसम मानी जा रही है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय घाटी में बहुत घना कोहरा और कम दृश्यता थी. गौरीकुंड क्षेत्र के ऊपर जंगल में घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने जब तेज धमाके की आवाज सुनी और धुएं के गुबार देखे तो उन्होंने तुरंत प्रशासन को सूचना दी. इसके बाद राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं.

हेलिकॉप्टर सेवाएं अगले आदेश तक बंद, जांच शुरू

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की सीईओ सोनिका ने बताया कि सुबह 5:30 बजे हेलिकॉप्टर के संपर्क से बाहर हो जाने की सूचना मिली थी और कुछ देर बाद उसका मलबा गौरी माई खर्क के ऊपर जंगल में मिला. इसके बाद तत्काल हेली सेवाओं को रोका गया है. DGCA ने चारधाम यात्रा में हेलिकॉप्टर उड़ानों की आवृत्ति पहले ही कम कर दी थी, लेकिन अब सभी ऑपरेशनों की समीक्षा शुरू कर दी गई है. हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) करेगा.

बीकेटीसी कार्यालयों में शोक, साथी कर्मचारी स्तब्ध

हादसे में BKTC कर्मचारी विक्रम रावत की मौत पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सभी कार्यालयों में गहरा शोक व्यक्त किया गया. प्रवक्ता हरीश गौड़ ने बताया कि सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी. विक्रम समिति के एक निष्ठावान कर्मचारी थे.

मुख्यमंत्री धामी का सख्त रुख, SOP तैयार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर दुर्घटना का दुखद समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। SDRF और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं.”
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाए. उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों की समिति के गठन का आदेश दिया है जो हेली सेवाओं की सुरक्षा, तकनीकी स्थितियों और मौसम की समीक्षा कर रिपोर्ट पेश करेगी.

हादसे ने उठाए सवाल: क्या श्रद्धालुओं की हेली यात्रा सुरक्षित है?

इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड की हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार हो रही हवाई दुर्घटनाएं दर्शाती हैं कि मौसम, तकनीकी निरीक्षण और मानवीय लापरवाही जैसे कई पहलुओं की अनदेखी की जा रही है. आने वाले समय में अगर प्रशासन इस पर कठोर निर्णय नहीं लेता तो श्रद्धालुओं की जान जोखिम में बनी रहेगी.

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लेखक के बारे में

Author: Abhishek Singh

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