Kaushambi Factory Blast: कौशांबी के मनौरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है. 13 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने मुख्य आरोपी नौशाद अली के बेटे आदिल की बिना नक्शा पास बनी बहुमंजिला इमारत को जमींदोज कर दिया. वहीं, फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर समेत 6 दारोगाओं को सस्पेंड कर दिया गया है.
बिना नक्शा पास कराए बनाई गई थी इमारत
पिपरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर मनौरी में 31 अगस्त को नौशाद अली की अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था. घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की. इसी कड़ी में PDA ने आरोपी आदिल की मनौरी स्थित इमारत को ध्वस्त किया. जोन संख्या एक के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. करीब 60 वर्गमीटर यानी 72 वर्ग गज में बनी इस इमारत में अंडरग्राउंड, ग्राउंड फ्लोर और दो ऊपरी मंजिलें थीं.
नीचे कारोबार, ऊपर रिहायशी इस्तेमाल
PDA के मुताबिक, इमारत का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया गया था. अंडरग्राउंड और ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जबकि ऊपर की दो मंजिलों का इस्तेमाल रिहायशी तौर पर किया जा रहा था. PDA के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले से जुड़े आरोपियों की अन्य अवैध संपत्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है. अगर ऐसी संपत्तियां सामने आती हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
आदिल समेत तीन आरोपियों पर इनाम घोषित
विस्फोट मामले में फरार चल रहे तीन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया है. पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने मुख्य आरोपी नौशाद के बेटे आदिल, उसकी पत्नी कहकशा बानो और भाई शकील पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा है. तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. वहीं, मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है. मामले में नामजद शबाना और साइना को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.
लापरवाही पर इंस्पेक्टर समेत 6 दारोगा निलंबित
पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई हुई है. मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रयागराज रेंज के आईजी ने एक इंस्पेक्टर और छह दारोगाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई अभी जारी है. एक तरफ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर मामले से जुड़े अन्य अवैध निर्माण और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है. हादसे में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है.
