Kanpur Crime News : कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में 58 वर्षीय उमा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के शक की सुई किसी बाहरी बदमाश पर नहीं, बल्कि मृतका के बड़े बेटे अमरीश पर जाकर टिक गई है. जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के बाद अमरीश ने कथित तौर पर अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी और घटना को लूट का रूप देने के लिए 25 लाख रुपये के जेवर और नकदी चोरी होने की झूठी कहानी गढ़ी.
पत्नी से बात करने को लेकर मां से हुआ था विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमरीश की पत्नी नेहा से उसकी मां उमा का विवाद रहता था. नेहा पिछले करीब तीन वर्षों से अपने मायके गोविंदनगर में रह रही थी. बताया जा रहा है कि नेहा से बातचीत को लेकर उमा अपने बेटे का विरोध करती थीं. इसी बात को लेकर अमरीश और उसकी मां के बीच विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि अमरीश ने कथित तौर पर आवेश में आकर मां का गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी. इसके बाद उसने हत्या को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए घर में लूट होने की कहानी तैयार की.
25 लाख के जेवर और नकदी लूटने का दिया था बयान
मंगलवार रात पुलिस को बुक स्टॉल संचालक शिवमंगल की पत्नी उमा की हत्या और करीब 25 लाख रुपये के जेवर व नकदी लूटे जाने की सूचना दी गयी थी. हालांकि, घटना के समय और पुलिस को सूचना देने को लेकर भी परिवार के सदस्यों के बयान में अंतर सामने आया. बताया गया कि शिवमंगल और अमरीश को घटना की जानकारी शाम करीब सात बजे हो गयी थी, लेकिन पुलिस को रात करीब 10 बजे सूचना दी गयी. इस देरी ने भी पुलिस के शक को और गहरा कर दिया.
बयानों में विरोधाभास से बढ़ा पुलिस का शक
अमरीश की पत्नी नेहा के बयानों में भी पुलिस को कई विरोधाभास मिले. सास की मौत और कथित लूट की घटना को लेकर उसने अलग-अलग बातें बतायीं. इन परिस्थितियों में पुलिस ने अमरीश से पूछताछ शुरू की और जांच का दायरा परिवार के करीबियों तक सीमित कर दिया. पुलिस ने अमरीश, उसकी पत्नी नेहा और एक अन्य करीबी व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की. तीसरे व्यक्ति का परिवार से करीबी संबंध बताया जा रहा है और उसका उमा के घर आना-जाना भी था.
पुलिस को करता रहा गुमराह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुवार को पूछताछ के दौरान अमरीश ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली. हालांकि, लूटे गये जेवरों की बरामदगी को लेकर वह पुलिस को काफी देर तक गुमराह करता रहा. कभी वह गहने मंदिर वाले कमरे में होने की बात कहता तो कभी दीवान में छिपाये जाने की बात बताता. पुलिस ने बताए गये स्थानों पर तलाश की, लेकिन जेवर बरामद नहीं हो सके. यही वजह है कि पुलिस के लिए मामले का पूरा खुलासा करने में अभी पेच फंसा हुआ है.
वारदात के बाद दोबारा घर पहुंचा था अमरीश
जांच में यह भी सामने आया है कि अमरीश मंगलवार दोपहर करीब एक बजे घर आया था. पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया. इसके बाद शाम करीब छह बजे वह दोबारा घर के पास पहुंचा. बताया जा रहा है कि वह बगल में रहने वाली अपनी चाची के घर चाय पीने के बहाने यह पता लगाने आया था कि किसी को हत्या की जानकारी तो नहीं हुई है.
बेटे के बयान बार-बार बदलने से गहराया शक
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अमरीश लगातार अपने बयान बदल रहा है. वहीं, घटनास्थल से मिले साक्ष्य भी उसके खिलाफ जा रहे हैं. पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी बाहरी बदमाश की भूमिका नहीं है. हालांकि, अभी तक कथित तौर पर लूटे गये जेवर और नकदी बरामद नहीं होने के कारण पुलिस पूरे मामले का अंतिम खुलासा करने में जुटी है. डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, पुलिस के पास अमरीश के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं. गहनों की बरामदगी के लिए प्रयास जारी है और जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जायेगा.
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